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फसल बिके हाथोंहाथ इसलिए 250 मंडियां हुईं ऑनलाइन

देश भर में किसान मंडियों में ऑनलाइन का क्रेज बढ़ता जा रहा है. अप्रैल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए राष्‍ट्रीय कृषि बाज़ार यानी e-NAM में कृषिमंडियों की संख्या 23 से बढ़कर 250 हो चुकी है.
फसल बिके हाथोंहाथ इसलिए 250 मंडियां हुईं ऑनलाइन कृषि मंत्री राधामोहन सिंह
सिद्धार्थ तिवारी [Edited by: संदीप कुमार सिंह]नई दिल्ली, 06 October 2016

देश भर में किसान मंडियों में ऑनलाइन का क्रेज बढ़ता जा रहा है. अप्रैल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए राष्‍ट्रीय कृषि बाज़ार यानी e-NAM में कृषिमंडियों की संख्या 23 से बढ़कर 250 हो चुकी है. इस बात की जानकारी देते हुए केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधा मोहन सिंह ने राष्‍ट्रीय कृषि बाज़ार के पहले चरण को सफलतापूर्वक पूरा करने का ऐलान किया. इस मौके पर उन्होंने e-NAM मोबाइल एप लॉन्च किया.

राष्‍ट्रीय कृषि बाज़ार (e-NAM) कृषि उत्‍पादों की खरीद-फरोख्त के लिए एक इलेक्‍ट्रॉनिक पोर्टल है. e-NAM को सफल बनाने के इरादे से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशो को हार्डवेयर, गुणवत्ता लैब इत्यादि के लिए 30 लाख रुपये तक एकमुश्त राशि प्रति मंडी की दर से कृषि मंत्रालय उपलब्ध करा रही है. इसके अतिरिक्त ई-नाम का मुफ्त सॉफ्टवेयर एवं सहायता हेतु एक वर्ष के लिए एक आई. टी. एक्सपर्ट (मंडी एनालिस्ट) भी उपलब्ध कराया जा रहा है.

कृषि मंत्री के मुताबिक 8 राज्‍यों की 23 मंडियों में पायलट के रूप में 14 अप्रैल, 2016 को योजना शुरू की गई थी. उनके मुताबिक पायलट फेज में आए अधिकतर मुद्दों का समाधान कर लिया गया है तथा अब तक 10 राज्‍यों के 250 मंडियों में e-NAM प्‍लेटफार्म शुरू हो चुका है. आंध्र प्रदेश में 12, छत्‍तीसगढ़ में 5, गुजरात में 40, हरियाणा में 36, हिमाचल प्रदेश में 7, झारखंड में 8, मध्‍य प्रदेश में 20, राजस्‍थान में 11, तेलंगाना में 44, उत्‍तर प्रदेश में 67 मंडियां राष्‍ट्रीय कृषि बाज़ार से जुड़ चुकी हैं. अब तक 14 राज्यों से 399 मंडियों को ई-नाम से जोड़ने हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है. इन सभी को स्वीकृति प्रदान कर दी गयी है.

कृषिमंत्री के मुताबिक अब तक 421 करोड़ रुपये के 1,53,992.7 मीट्रिक टन कृषि उत्‍पादों का कारोबार e-NAM पर हो चुका है. अब तक 1,60,229 किसानों, 46,688 व्‍यापारियों और 25,970 कमीशन एजेंटों को e-NAM प्‍लेटफार्म पर पंजीकृत किया जा चुका है. e-NAM पोर्टल में किसानों के लिए बिक्री उपरांत ऑनलाइन भुगतान का प्रावधान उपलब्‍ध कराया गया है तथा राज्‍यों से किसानों के बैंक खाते में बिक्री मूल्य के प्रत्‍यक्ष अंतरण को बढ़ावा देने का अनुरोध किया गया है। मार्च, 2018 तक e-NAM के प्रथम चरण में कुल 585 मंडियों का जोड़ने का लक्ष्‍य है जिसमें से 400 मंडियों का मार्च, 2017 तक e-NAM प्‍लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा.

अनाजों, दलहन, तिलहन, मसालों, फलों और सब्‍जियों सहित 69 कृषि और बागवानी जिंसों के गुणवत्ता मानक e-NAM पर व्‍यापार के लिए अधिसूचित किए गए हैं. राज्‍यों को गुणवत्ता मूल्‍यांकन सुविधाएँ स्‍थापित करने के लिए कहा गया है ताकि व्‍यावसायिक एवं वैज्ञानिक ढंग से किसानों के उत्‍पादों का गुणवत्‍ता मूल्‍याकंन सुनिश्‍चित किया जा सके.

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