एडवांस्ड सर्च

Advertisement

ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता

aajtak.in
25 August 2019
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
1/12
इस दुनिया में जो आया है उसे एक दिन जाना होगा, यह प्रकृति की नियति है. लेकिन कुछ लोग अचानक दुनिया को अलविदा कह जाते हैं, जिनकी केवल यादें रह जाती हैं. हाल के दिनों में पहले शीला दीक्षित, फिर सुषमा स्वराज और अब अरुण जेटली अचानक अपने चाहनों वालों को मायूस कर अनंत सफर पर निकल पड़े. पिछले एक साल में करीब 10 बड़े लोकप्रिय नेता दुनिया छोड़ कर चले गए, जिसके बारे में यही कहा जा सकता है कि 'ऐसे कोई जाता है क्या?' (अरुण जेटली को श्रद्धांजलि देते राजनाथ सिंह)
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
2/12
दरअसल, बीजेपी अभी सुषमा स्वराज के निधन से उबर भी नहीं पाई थी कि पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली ने दुनिया को अलविदा कह दिया. जेटली के निधन से बीजेपी ही नहीं, देश रो रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहरीन में जैसे ही अरुण जेटली के निधन की खबर मिली, वो मायूस हो गए. उन्होंने कहा कि अभी तो हम सुषमा स्वराज के निधन के सदमे से बाहर नहीं निकल पाए थे, अब अरुण ने भी साथ छोड़ दिया, इतना बोलते-बोलते उनकी आंखें भर आईं.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
3/12
1. अरुण जेटली
                
अरुण जेटली मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में दूसरे नंबर के सबसे अहम शख्सियत माने जाते थे. उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भी अहम भूमिका निभाई थी. पूर्व वित्तमंत्री अरुण जेटली का लंबी बीमारी के बाद 24 अगस्त को एम्स में 66 वर्ष की आयु में निधन हो गया. जेटली मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में कई मौकों पर संकटमोचक बनकर उभरे थे. इसलिए जब पीएम मोदी को अरुण जेटली के निधन की खबर मिली तो उन्होंने बड़े भावुक तरीके से याद करते हुए कहा कि आज हमने अपना अरुण खो दिया.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
4/12
2. सुषमा स्वराज
 
पूर्व विदेश मंत्री, प्रखर वक्ता और भारतीय जनता पार्टी की दिग्गज वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने इसी महीने 6 अगस्त को दुनिया को अलविदा कह दिया था. वह 67 साल की थीं. साल 2014 से 2019 तक भारत की विदेश मंत्री रहीं, सुषमा ने दुनिया भर के देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए काफी योगदान दिया. इससे पहले अटल सरकार में भी सुषमा स्वराज की बड़ी भूमिका थीं.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
5/12
3. शीला दीक्षित

दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस की दिग्गज नेता शीला दीक्षित ने 20 जुलाई 2019 को 81 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. शीला दीक्षित तीन बार दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं. 1998 से लेकर 2013 तक उन्होंने दिल्ली का शासन संभाला. शीला दीक्षित को दिल्ली में सड़कों और फ्लाईओवरों के साथ बढ़ते बुनियादी ढांचे के लिए श्रेय दिया जाता है. दीक्षित 2014 में केरल की राज्यपाल भी रहीं. शीला दीक्षित का अचानक निधन कांग्रेस के लिए बड़ा झटका है.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
6/12
4. मनोहर पर्रिकर

पूर्व रक्षा मंत्री और गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर हमेशा अपनी सादगी के लिए जाने जाएंगे. लोगों के दिलों पर राज करने वाले बीजेपी नेता मनोहर पर्रिकर 17 मार्च, 2019 को दुनिया छोड़कर चले गए. वह लंबे समय से अग्नाशय के कैंसर से पीड़ित थे. पर्रिकर चार बार गोवा के मुख्यमंत्री रहे. 2014 में एनडीए सरकार में मनोहर पर्रिकर ने देश के रक्षा मंत्री की भूमिका निभाई. उनके रक्षा मंत्री रहते हुए ही भारत ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
7/12
5. अनंत कुमार

बीजेपी के दिग्गज नेता और पू्र्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार महज 59 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह दिया. अनंत कुमार का निधन 12 नवंबर, 2018 बेंगलुरु में हुआ. बेंगलुरु साउथ से लगातार 6 बार जीत हासिल करने वाले 59 वर्षीय अनंत कुमार को फेफड़ों का कैंसर था. उनका इलाज लंदन और न्यूयार्क में भी हुआ था. वह भाजपा सरकार में संसदीय कार्यमंत्री रहे. छात्र राजनीति से शुरू हुआ उनका सियासी सफर केंद्र में मंत्री बनकर खत्म हुआ.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
8/12
6. अटल बिहार वाजपेयी

भारतीय राजनीति में अटल बिहारी वाजपेयी की जगह हमेशा अटल रहेगी. लोकप्रियता के उस मुकाम तक पहुंचना किसी भी राजनेता के लिए बस ख्वाब ही हो सकता है. भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त, 2018 को निधन हो गया. 25 दिसंबर 1924 को जन्में वाजपेयी बीजेपी के संस्थापकों में शामिल थे और 3 बार भारत के प्रधानमंत्री बने. विपक्ष में रहे तो सत्ता पक्ष ने इनका आदर किया, सत्ता में रहे तो विपक्ष ने पूरा सम्मान दिया.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
9/12
7. मदन लाल खुराना

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना का निधन 83 वर्ष के उम्र में बीते साल अक्टूबर में हो गया, वो 1993 से 1996 तक दिल्ली के मुख्यमंत्री रहे. वाजपेयी सरकार में पर्यटन मंत्रालय और संसदीय कार्य मंत्री का भी कार्यभार संभाला. मदनलाल खुराना उन नेताओं में शामिल थे जो बीजेपी की स्थापना से पहले से ही संघ परिवार से जुड़े हुए थे. उन्होंने 27 अक्टूबर 2018 में को आखिरी सांसें लीं. मदन लाल खुराना और शीला दीक्षित दोनों ही दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर रहने के बाद राज्यपाल रहे.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
10/12
8. बाबू लाल गौर

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर का निधन 21 अगस्त 2019 को हुआ, वह लंबे समय से बीमार थे. उनकी उम्र 89 वर्ष थी. मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में मध्य प्रदेश के विकास के लिए किए गए उनके काम हमेशा याद रखे जाएंगे. बाबू लाल गौर 2004-2005 में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे और अपनी परंपरागत गोविंदपुरा विधानसभा सीट से 10 बार चुनाव जीत थे. गौर का जन्म दो जून 1930 को उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में हुआ था.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
11/12
9. जगन्नाथ मिश्रा

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा का 19 अगस्त 2019 को निधन हो गया. जगन्नाथ मिश्रा तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे थे. 1975 में वह पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे. दूसरी बार 1980 और आखिरी बार 1989 से 1990 तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे. उन्हें 90 के दशक के दौरान केंद्रीय कैबिनेट में भी जगह मिली थी. कांग्रेस छोड़ने के बाद वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए और बाद में जनता दल में शामिल हो गए थे. जगन्नाथ मिश्रा ने एक प्राध्यापक के रूप में अपना करियर शुरू किया था और बाद में बिहार विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर बने थे.
ऐसे कोई जाता है क्या? अचानक दुनिया छोड़ गए ये 10 लोकप्रिय नेता
12/12
10. एम करुणानिधि

दक्षिण की राजनीति के पितामह कहे जाने वाले करुणानिधि का 7 अगस्त 2018 को निधन हो गया. एम करुणानिधि तमिलनाडु के 5 बार मुख्यमंत्री रहे. करुणानिधि अपने जीवन में कभी कोई चुनाव नहीं हारे. वो पांच बार मुख्यमंत्री और 12 बार विधानसभा सदस्य रहे. 26 जुलाई, 1969 को उन्होंने डीएमके की कमान अपने हाथों में ली और तब से लेकर पार्टी के मुखिया बने रहे.
Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay