एडवांस्ड सर्च

गेम ओवर रिव्यू: रोंगटे खड़े कर देती है तापसी पन्नू की ये शानदार थ्रिलर

गेम ओवर एक मल्टीलेयर फिल्म है जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों को छूने की कोशिश की गई है. तापसी और विनोदिनी की एक्टिंग बेहतरीन है और फिल्म अंत तक लोगों को बांधे रखने की क्षमता रखती है.

Advertisement
aajtak.in [Edited By: विशु सेजवाल]नई दिल्ली, 13 June 2019
गेम ओवर रिव्यू: रोंगटे खड़े कर देती है तापसी पन्नू की ये शानदार थ्रिलर तापसी पन्नू

अमुथा नाम की एक लड़की अपने घर में अकेली रहती हैं. कोई उसे देखता रहता है. इसके बाद एक शख्स उसके घर में घुसता है, प्लास्टिक कवर को इस महिला के चेहरे पर बांध देता है और ये महिला एक त्रासदी भरी मौत मर जाती है. तापसी पन्नू स्टारर साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म गेम ओवर का ये पहला सीन इस बात की बानगी है कि ये फिल्म शुरूआत से ही दर्शकों के अटेंशन पर कब्जा करने की कोशिश करती है और अंत तक ऐसा करने में कामयाब होती है.  

स्वप्ना एक वीडियो गेम डिजाइनर हैं जिनका एक बेहद त्रासदी भरा पास्ट रहा है. वे इससे इतनी ज्यादा प्रभावित हैं कि जब भी वे किसी अंधेरे कमरे में जाती हैं तो उन्हें पैनिक अटैक आने लगते हैं. इस दौरान उनके साथ एक घटना घट जाती है जिसके बाद स्वप्ना को अमुथा और अपनी जिंदगी से जुड़ा  एक कड़वा सच जानने को मिलता है.

डायरेक्टर अश्विन सारावनन और राइटर काव्या ने गेम ओवर को एक वीडियो गेम की तरह ट्रीट किया है. गेम ओवर एक मल्टीलेयर फिल्म है जिसमें कई महत्वपूर्ण मुद्दों को छूने की कोशिश की गई है. तापसी और विनोदिनी की एक्टिंग बेहतरीन है और फिल्म अंत तक लोगों को बांधे रखने की क्षमता रखती है. इस फिल्म का स्क्रीनप्ले अश्विन और काव्या ने लिखा है और फिल्म की स्क्रिप्ट ही फिल्म की असली हीरो है. इस फिल्म में वीडियो गेम की थीम का भरपूर इस्तेमाल किया गया है.

View this post on Instagram

Almost there.. 1 day to go.... advance bookings open now! #GameOver in Tamil, Telugu and Hindi !!!! 😁😁😁

A post shared by Taapsee Pannu (@taapsee) on

अश्विन ने इस फिल्म के सहारे मेंटल ट्रॉमा जैसे संवेदनशील मुद्दे को भी छूने की कोशिश की है. उन्होंने इस तरह की मेडिकल कंडीशन्स वाले लोगों के लिए एक सकारात्मक नजरिया भी पेश किया है. फिल्म के कई हिस्सों में पैरानॉर्मल और हॉरर एलिमेंट्स भी हैं जिसके चलते ये फिल्म एक मुफीद साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म साबित होती है. खास बात ये है कि इस फिल्म के लिए तापसी ने डबिंग का इस्तेमाल किया है लेकिन अपनी शानदार अदाकारी से वे इसका एहसास नहीं होने देती हैं. डबिंग आर्टिस्ट दीपा वेंकट ने इस मामले में बेहतरीन काम किया है.

विनोदिनी वदियानाथन ने काला अम्मा के रूप में हाउस हेल्पर की भूमिका निभाई है लेकिन उनका किरदार यही तक सीमित नहीं है. डिप्रेशन से जूझ रही स्वप्ना के लिए वे मोरल सपोर्ट साबित होती हैं. अपनी नैचुरल एक्टिंग के चलते वे इस फिल्म में प्रभावित करती हैं. विनोथ के कैमरावर्क, बैकग्राउंड म्यूजिक और साउंड डिज़ाइन ऐसा है जिसके चलते फिल्म एक अलग स्तर पर पहुंच जाती है.

अगर आप थ्रिलर फिल्में देखने के शौकीन हैं तो इस फिल्म को जरूर देखना चाहिए. अगर आपको थ्रिलर फिल्मों का शौक नहीं भी है तब भी इस फिल्म को बेहतरीन सिनेमा अनुभव के लिए देखा जा सकता है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay