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जब घरवालों को ब‍िना बताए चले गए जगजीत, 200 रुपए के ल‍िए गाया

Jagjit Singh Birthday जगजीत सिंह गजलों की दुनि‍या के बेताज बादशाह माने जाते थे. वे एक समय के लि‍ए गजलों की जुबां बन गए थे. देश-दुन‍िया में उनके सैकड़ों कंसर्ट हुए.

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aajtak.in [Edited By:महेन्द्र गुप्ता]नई दिल्ली, 08 February 2019
जब घरवालों को ब‍िना बताए चले गए जगजीत, 200 रुपए के ल‍िए गाया जगजीत सिंह

जगजीत सिंह गजलों की दुनि‍या के बेताज बादशाह माने जाते थे. वे एक समय के लि‍ए गजलों की जुबां बन गए थे. देश-दुन‍िया में उनके सैकड़ों कंसर्ट हुए. 8 फरवरी 1941 को जन्मे जगजीत ने कई फिल्मों में संगीत दिया, लेकिन बाद में गज़ल गायकी में ही रम गए. उन्होंने गज़ल को बिल्कुल अलग अंदाज में गाया. इसके लिए उनकी आलोचना हुई और आरोप लगा कि जगजीत ने गज़ल के शास्त्रीय अंदाज की अनदेखी की. हालांकि, जगजीत ऐसे आरोपों को सिरे से खारिज करते रहे. बात निकलेगी तो फिर दूर तलक जाएगी, वो कागज की कस्ती, तुम इतना जो मुस्करा रहे हो, आहिस्ता-आहिस्ता जैसे तमाम गज़ल-गीत संगीत की दुनिया को जगजीत की अनमोल भेंट हैं.

ऐसा बीता जगजीत का बचपन

जगजीत सिंह का जन्म 8 फरवरी, 1941 को बीकानेर (राजस्थान) में हुआ था. जन्म के वक्त उनका नाम जगजीवन सिंह था. उन्होंने सरकारी स्कूल और खालसा कॉलेज से पढ़ाई की. उनके पिता चाहते थे कि जगजीत इंजीनियर बने. पढ़ाई के बाद जगजीत सिंह ने ऑल इंडिया रेडियो जालंधर में एक सिंगर और म्यूजिक डायरेक्टर के रूप में काम शुरू कर दिया. उसके बाद कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी हरियाणा से पोस्ट ग्रेजुएट की पढ़ाई भी की. जगजीत सिंह ने गुरुद्वारे में पंडित छगनलाल मिश्रा और उस्ताद जमाल खान से क्लासिकल संगीत की शिक्षा ली.

घर वालों को बिना बताए चले गए मुंबई

मार्च 1965 में जगजीत सिंह अपने परिवार को बिना बताए मुंबई चले आए और स्ट्रगल शुरू कर दिया. स्ट्रगलिंग के समय में उन्होंनं 200 रुपये के लिए भी गाया. मुंबई में जगजीत सिंह की मुलाकात एक बंगाली महिला चित्रा दत्ता से हुई और दोनों 1969 में शादी के बंधन में बंध गए. इन्हें एक बेटा विवेक भी हुआ. साल 1976 में जगजीत सिंह और चित्रा की एल्बम 'The Unforgettable' रिलीज हुई, जिसे काफी सराहा गया. इसकी वजह से ये दोनों कपल स्टार बन गए. एल्बम का गीत 'बात निकलेगी' काफी पसंद किया गया. जगजीत सिंह और चित्रा सिंह एक साथ कई सारे कॉन्सर्ट किया करते थे और अलग-अलग गजल एल्बम का हिस्सा भी बने. इनका 1980 में आया हुआ एल्बम 'वो कागज की कश्ती' बेस्ट सेलिंग एल्बम बन गया था. उस जमाने में जगजीत सिंह गजल किंग बन गए थे. प्राइवेट एल्बम के साथ-साथ जगजीत ने फिल्मों में भी कई गजलें गाईं , उनमें 'प्रेम गीत', 'अर्थ', 'जिस्म', 'तुम बिन', 'जॉगर्स पार्क' जैसी फिल्में प्रमुख हैं.

बेटे के न‍िधन के बाद टूट गए थे जगजीत

 जगजीत सिंह के बेटे विवेक की मात्र 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. इसकी वजह से उनकी पत्नी चित्रा सिंह काफी अपसेट रहने लगी थीं और एक वक्त के बाद उन्होंने गाना तक छोड़ दिया था.

जब गजत सम्राट ने दुन‍िया को कहा अलव‍िदा

भारत सरकार की तरफ से जगजीत सिंह को साल 2003 में 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा गया था. साल 2011 में जगजीत सिंह को यूके में गुलाम अली के साथ परफॉर्म करना था, लेकिन cerebral hemorrhage की वजह से उन्हें 23 सितम्बर 2011 को मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत बिगड़ती गई, जगजीत सिंह कोमा में चले गए और 10 अक्टूबर 2011 को जगजीत सिंह ने आखिरी सांसें ली.

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