एडवांस्ड सर्च

बंद करो शेयर बाजार कारोबार! कोरोना से लॉकडाउन के बीच तेज हो गई मांग

देशभर में लॉकडाउन को देखते हुए अब इस बात की मांग जोर पकड़ रही है कि शेयर बाजार में कारोबार को रोका जाए. शेयर मार्केट ब्रोकर्स के संगठन एसोसिएशन ऑफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंजज मेम्बर्स ऑफ इंडिया ने मांग की है कि शेयर मार्केट के कारोबार में भी पूरी तरह से लॉकडाउन यानी बंदी की जाए.

Advertisement
aajtak.in
aajtak.in नई दिल्ली, 26 March 2020
बंद करो शेयर बाजार कारोबार! कोरोना से लॉकडाउन के बीच तेज हो गई मांग शेयर बाजार कारोबार बंद करने की उठी मांग

  • कोरोना की वजह से देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन है
  • लेकिन स्टॉक एक्सचेंज का कामकाज अभी भी चल रहा
  • इसकी वजह से कई राज्यों के ब्रोकर्स को हो रही दिक्कत
  • स्टॉक एक्सचेंजों का कारोबार रोकने की मांग तेज हो गई

कोरोना वायरस के प्रकोप के चलते देशभर में लॉकडाउन को देखते हुए अब इस बात की मांग जोर पकड़ रही है कि शेयर बाजार में कारोबार को रोका जाए.

इस संगठन ने की मांग

शेयर मार्केट ब्रोकर्स के संगठन ANMI (एसोसिएशन ऑफ नेशनल स्टॉक एक्सचेंजज मेम्बर्स ऑफ इंडिया) ने मांग की है कि शेयर मार्केट के कारोबार में भी पूरी तरह से लॉकडाउन यानी बंदी की जाए.

संगठन ने पूंजी बाजार नियामक सेबी को लिखे एक लेटर में यह अपील की है कि जब तक देश में 21 दिन का लॉकडाउन जारी है, स्टॉक एक्सचेंजों के कारोबार से जुड़े सभी दफ्तरों को क्रमिक रूप से बंद किया जाए.

इसके पहले कमोडिटी पार्टिसिपैंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (CPAI) ने भी देश के सभी एक्सचेंजों को बंद करने की मांग की थी.

कोरोना पर फुल कवरेज के लि‍ए यहां क्ल‍िक करें

इन एक्सचेंजों में होता है कारोबार

गौरतलब है कि भारत में सेबी के रेगुलेशन के तहत संचालित होने वाले दो प्रमुख एक्सचेंज बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज हैं. जिनमें इक्विटी यानी शेयर, म्यूचुअल फंड, करेंसी और इक्विटी वायदा कारोबार, कमोडिटी वायदा कारोबार, कॉरपोरेट बॉन्ड जैसे डेट कारोबार आदि का संचालन किया जाता है.

क्यों उठी कारोबार बंद करने की मांग

हालांकि एएनएमआई ने पहले सेबी से यह मांग थी कि वह राज्य सरकारों से अनुरोध कर स्टॉक मार्केट ब्रोकिंग हाउस के कामकाज को आवश्यक सेवा घोषित कराए. लेकिन अब एएनएमआई का कहना है कि जब तक ऐसा नहीं होता शेयर बाजार के कारोबार को पूरी तरह से बंद किया जाए.

एएनएमआई के अनुरोध पर सेबी ने सभी राज्यों को लेटर लिखकर यह अनुरोध भी किया है कि ब्रोकिंग से जुड़े कर्मचारियों को उनके ऑफिस जाने दिया जाए.

कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...

असल में महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान के अलावा अन्य राज्य सरकारों ने 'स्टॉक ब्रोकिंग एवं डिपॉजिटरी सर्विसेज' को आवश्यक सेवाओं के दर्जे में नहीं रखा है. इसका मतलब यह है कि उक्त तीनों राज्यों के ब्रोकर ऑफिसेज में तो काम हो रहा है, लेकिन बाकी राज्यों में ऐसा नहीं हो पा रहा. लॉकडाउन की वजह से उनके कर्मचारी ऑफिस नहीं जा पा रहे. इसलिए यह मांग की जा रही है कि शेयर बाजार का कामकाज पूरी तरह से बंद किया जाए.

इस संगठन से करीब 900 ब्रोकरेज जुड़े हुए हैं और संगठन को उक्त राज्यों से जुड़े सदस्यों की तरफ से कई तरह की शिकायतें-चिंताएं हासिल हुई हैं. इसलिए बहुत से सदस्यों का कहना था कि निवेशकों को उचित नोटिस भेजकर पूंजी बाजार का कारोबार क्रमवार तरीके से बंद किया जाए.

क्या कहा एएनएमआई ने

एएनएमआई ने कहा, 'एएनएमआई के सदस्यों और उनके कर्मचारियों को अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने ओर सेबी तथा एक्सचेंजों की अनुपालन जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने हेड ऑफिस पहुंचकर अपने सेंट्रल सर्वर को चालू करने, बैक ऑफिस कार्यों, रिस्क मैनेजमेंट और डिपॉजिटरी सेवाएं चलाने में बहुत समस्या आ रही है.

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay