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'PAK कलाकारों पर बैन की बात सही, पर मेरी ही फिल्म पर व‍िवाद क्यों'

पाकिस्तानी कलाकरों के बॉलीवुड में काम करने को लेकर कई बार बैन की मांग की गई है. हाल ही में 'वेलकम टू न्यूयॉर्क' में पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान के गाने 'इश्तेहार'  पर नया विवाद शुरू हो गया.दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब केन्द्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने राहत के गाने को हटाने की मांग कर डाली.

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aajtak.in
ऋचा मिश्रा नई दिल्ली, 22 February 2018
'PAK कलाकारों पर बैन की बात सही, पर मेरी ही फिल्म पर व‍िवाद क्यों' राहत फतेह अली खान- आतिफ असलम

पाकिस्तानी कलाकरों के बॉलीवुड में काम करने को लेकर कई बार बैन की मांग की गई है. हाल ही में 'वेलकम टू न्यूयॉर्क' में पाकिस्तानी गायक राहत फतेह अली खान के गाने 'इश्तेहार'  पर नया विवाद शुरू हो गया.दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब केन्द्रीय राज्य मंत्री बाबुल सुप्रियो ने राहत के गाने को हटाने की मांग कर डाली.

अब इस मामले पर इश्तेहार का म्यूजिक कम्पोज करने वाले शमीर टंडन ने अपनी फिल्म का बचाव करते हुए सवाल किए हैं. उन्होंने कहा, सीमा पार के कलाकारों के साथ काम न करने के खिलाफ फैसला लिया जाता है तो मुझे भी इसका पालन करने में प्रसन्नता होगी. मैं सबसे आगे रहूंगा.

सलमान और अजय की फिल्मों पर क्यों नहीं उठे सवाल  

लेकिन, शमीर टंडन ने सवाल किया कि बॉलीवुड में पाकिस्तानी गायकों का लगातार इस्तेमाल हो रहा है. टंडन ने कहा, मेरा कहना सिर्फ ये है कि इन्हीं राहत फतेह अली खान ने फिल्म 'सुल्तान' में 'जग झुमेया' गाया. 'बादशाहो' में 'मेरे रश्क ए कमर' जैसे गाने इस्तेमाल हुए. तब ऐसा क्यों नहीं हुआ?  टंडन ने कहा, "या फिर, आतिफ असलम ने 'टाइगर जिंदा है' का गाना गाया. कुछ ही दिन पहले अजय देवगन की फिल्म 'रेड' के लिए भी ऐसा ही गाना जारी हुआ. इन गानों को पाकिस्तानी कलाकारों की आवाज के कारण क्यों नहीं कठघरे में खड़ा किया गया. मेरी ही फिल्म के गाने के साथ ऐसा क्यों हो रहा है? क्या इसलिए क्योंकि अन्य सभी कवर वर्जन हैं और मेरा ओरिजनल?

केंद्रीय राज्य मंत्री ने उठाई पाक कलाकारों पर रोक की मांग

बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में गायक से केंद्रीय राज्य मंत्री बने बाबुल सुप्रियो ने कहा था कि फिल्म 'वेलकम टू न्यूयॉर्क' के 'इश्तेहार' गीत से राहत फतेह अली खान की आवाज को हटाया जाए और इसे किसी और से रिकॉर्ड किया जाए. उन्होंने कहा, वह नहीं समझ पा रहे हैं कि जब भारत-पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है, ऐसे में सीमापार से मनोरंजन का कंटेंट लेने की क्या जरूरत है.

लेखक बोले- सबसे पहले भारतीय हूं.

'इश्तेहार' गीत के लेखक मनोज मुंतशिर ने कहा, "संगीत से मेरा रिश्ता एक किसान और उसकी फसल जैसा है. मैं जीवन यापन करने के लिए कड़ी मेहनत करता हूं. मैं लिखता हूं ताकि मेरे बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके और बीमारी के समय में मेरे बूढ़े मां-बाप का अच्छा इलाज हो सके. लेकिन, अगर मेरे निजी हित और राष्ट्र हित के बीच की बात होगी तो मैं राष्ट्र को पहले रखूंगा. मनोज मुंतशिर ने कहा, "किसी भी लेखक, अभिनेता, गायक, दार्शनिक या फिल्म निर्माता की तुलना एक सैनिक से नहीं हो सकती जो सीने पर इसलिए गोली खाते हैं ताकि हम एक आजाद मुल्क में रह सकें. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के गायकों को हमारे लिए गाना चाहिए या नहीं, यह संविधान और कानून पर निर्भर करता है. जो भी कानून और देश निर्धारित करता है, वही मेरा निर्णय है. लेकिन हां, एक लेखक होने से पहले मैं एक भारतीय हूं और यह जीवन भर नहीं बदलने वाला है.

बॉलीवुड में PAK कलाकारों को बैन करेगी प्रोड्यूसर्स काउंसिल

पाकिस्तानी कलाकरों पर बैन की मांग के चलते बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इंडियन फिल्म एंड टीवी प्रोड्यूसर्स काउंसिल के अध्यक्ष सुरेश अमीन ने कहा कि काउंसिल हिन्दी फिल्म इंडस्ट्री में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन करने का फैसला करेगी. फिल्म निर्माता वाशु भगनानी ने कहा है कि वे फिल्म इंडस्ट्री से पाकिस्तानी कलाकारों का बहिष्कार करने की बात कहेंगे. मेरे हिसाब से तो दो साल के लिए बॉलीवुड में पाकिस्तानी कलाकारों को बैन कर देना चाहिए.  

फवाद-माहिरा पर पहले ही लग चुका है बैन

बता दें करण जौहर की फिल्म ऐ दिल है मुश्किल में फवाद खान के काम करने को लेकर काफी विवाद हुआ था. इसके बाद शाहरुख खान की फिल्म रईस में माहिरा के होने की वजह से काफी मामला गर्म हुआ था. इसके बाद से भारतीय फिल्मों में पाक कलाकारों के काम करने पर पाबंदी लगी है. लेकिन ये बैन हिंदी मीडियम में इरफान खान के साथ पाक कलाकार सबा कमर के आने पर नहीं लगा. 

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