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जजमेंटल है क्या Review: दिल जीत लेगा कंगना रनौत-राजकुमार राव का पागलपन, उम्दा एक्टिंग

कंगना रनौत और राजकुमार राव स्टारर फिल्म जजमेंटल है क्या सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है. शुरुआत से ही विवादों में घिरी कंगना रनौत की ये फिल्म आखिर कैसी बनी है? पढ़ें मूवी जजमेंटल है क्या की समीक्षा.

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पल्लवीनई दिल्ली, 26 July 2019
जजमेंटल है क्या Review: दिल जीत लेगा कंगना रनौत-राजकुमार राव का पागलपन, उम्दा एक्टिंग फिल्म जजमेंटल है क्या का पोस्टर
फिल्म: Judgementall Hai Kya
कलाकार: Kangana Ranaut, Rajkummar Rao
निर्देशक: Prakash Kovelamudi

आज के समय में बहुत कम ही ऐसी फिल्में हैं, जो आपको अपने से बांधकर रखने में सफल होती हैं. जब कंगना रनौत और राजकुमार राव स्टारर फिल्म जजमेंटल है क्या के आने की बात हुई थी तब सभी ने सोचा था कि आखिर इस फिल्म में ऐसा क्या ख़ास होता कि दर्शक इसे देखने के लिए जाएंगे? कंगना रनौत की फिल्म है तो इसके साथ विवाद जुड़ना तो बनता था.

ढेर सारे प्रचार और विवाद के बाद ये फिल्म रिलीज होने जा रही है और हमें इसे देखने का मौका मिला. अब फिल्म देखने के बाद ये कहना जरूरी हो गया है कि यार इस फिल्म को जज मत करो क्योंकि आपको काफी मजा आने वाला है.

सबसे पहले बात फिल्म की कहानी की. ये साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म है बॉबी और केशव के बारे में जो एक बार मिलते हैं और फिर शुरू होता है मिस्ट्री गेम. केशव के घर में हुई है मौत और इस मौत का जिम्मेदार कौन है बचपन से ही दिमाग से हिली हुई बॉबी या फिर सीधा-सादा केशव? यही और बहुत कुछ आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगा.

इस फिल्म की कहानी बढ़िया है, जो बहुत सारे ट्विस्ट और टर्न्स से भरी हुई है. एक डार्क कहानी जो जैसे-जैसे आगे बढ़ती है आपको अपने साथ और ज्यादा जोड़ती चली जाती है. बॉबी (कंगना रनौत) अपने बचपन के ट्रॉमा से गुजरने के बाद एक्यूट साइकोसिस नाम की दिमागी बीमारी से जूझ रही है. उसका बॉयफ्रेंड कम मैनेजर वरुण (हुसैन दलाल) उनके साथ है और कुछ ‘पाने’ के बजाए उसके साथ सब्जियां खरीदने में समय बिता रहा है.

बॉबी के घर आते हैं नए किराएदार केशव और रीमा, जिनकी जिंदगी बॉबी के लिए काफी अलग है. बॉबी, केशव और रीमा की इस अलग जिंदगी की ओर आकर्षित होती है लेकिन एक मर्डर के चलते उसका भ्रम टूटता है और वो केशव को शक की निगाह से देखने लगती है. अब बॉबी के दिमाग में जो चल रहा है वो सही है या नहीं? ये जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

परफॉर्मेंस की बात करें तो कंगना रनौत और राजकुमार राव ने कमाल कर दिखाया है. एक लड़की, जो बचपन से ही परेशान है और अपना दिमागी संतुलन खो चुकी है लेकिन फिर भी अपनी जिंदगी को अपने अलग अंदाज में जीती है और अपनी असलियत को छुपाने की कोशिश नहीं करती, के रोल में कंगना ने अलग ऊंचाई को छुआ है. कंगना की परफॉर्मेंस बेमिसाल है और उनका किरदार आपको अपने से ऐसा जोड़ता है कि अंत तक नहीं छोड़ता. वहीं राजकुमार राव ने कंगना को परफॉर्मेंस के मामले में जबरदस्त टक्कर दी है. इस बात में कोई दो राय नहीं है राजकुमार बॉलीवुड के सबसे टैलेंटेड एक्टर्स में से एक हैं और ऐसा अलग-अलग लेयर्स वाला किरदार उन्होंने इतने बढ़िया तरीके से निभाया है कि आप उनकी तारीफ करने से खुद को रोक नहीं सकते. राजकुमार अपने रोल में बखूबी फिट हुए हैं और उसके साथ पूरा-पूरा न्याय भी किया है.

सपोर्टिंग कास्ट में एक्टर हुसैन दलाल, सतीश कौशिक, अमायरा दस्तूर, अमृता पुरी और जिमी शेरगिल ने बढ़िया काम किया है. हुसैन दलाल के किरदार को देखकर आपका दिल पक्का खुश हो जाएगा, जो बहुत मजेदार है.

डायरेक्टर प्रकाश कोवेलामुड़ी ने इस फिल्म के साथ कोशिश बहुत अच्छी की है. फिल्म की कहानी बढ़िया है, उसका एक्सीक्यूशन शानदार है, सारे जोक्स और पंचलाइन एकदम सही टाइमिंग के साथ हैं और फिल्म ने पूरा समय दर्शकों को साथ में जोड़े रखा. हालांकि फिल्म की कमी ये थी कि सीन्स को बहुत खींचा गया. कुछ नहीं तो सेकंड हाफ में एक बार आपको जरूर लगेगा कि बहुत देर हो गई है और फिल्म का क्लाइमेक्स क्यों नहीं आ रहा है! कुछ चीजें थोड़ी सी ओवर थीं, हालांकि हो सकता है कि अपने मैसेज को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें ऐसा बनाया गया हो. लेकिन ये फिल्म उम्मीद से बेहतर बनी है. एक डार्क फिल्म, जिसमें आप दिमागी रुप से परेशान इन्सान की नजरों से ये दुनिया देखेंगे, जो अपने अन्दर की शांति बाहर की दुनिया में ढूंढ रही है.

डायरेक्टर प्रकाश ने इस फिल्म को बहुत बढ़िया तरीके से बनाया है. फिल्म की सिनेमेटोग्राफी और एडिटिंग दोनों बढ़िया है. कंगना और राजकुमार के किरदार को जिस तरह से एक्सप्लोर किया गया है, वो लाजवाब है. फिल्म का म्यूजिक काफी अच्छा है. वखरा स्वाग के अलावा फिल्म के बाकी सभी गाने हर सीक्वेंस के साथ फिट बैठते हैं. इसके अलावा फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर बहुत बढ़िया है.

लाइट्स और म्यूजिक के साथ खेलकर जो डायरेक्टर प्रकाश ने कमाल किया है वो तारीफ के काबिल है. इसके अलावा फिल्म के डायलॉग भी बढ़िया हैं. इस फिल्म के डायलॉग ना केवल आपको हंसाते हैं बल्कि आपको फिल्म ख़त्म होने के बाद भी याद रहते हैं. फिल्म के अपने इमोशनल सीन्स हैं, जो आपके दिल में कुछ हरकत जरूर पैदा करते हैं. ऐसी फिल्में बॉलीवुड में कम ही बनती हैं, तो कुल-मिलाकर इस फिल्म को आपको वीकेंड पर जरूर देखना चाहिए. सच मानिए कंगना और राजकुमार का पागलपन आपको जरूर पसंद आएगा.

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