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भारत में बैन, गोल्डन ग्लोब्स में चमकेगी 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का'

फिल्‍म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को अपने ही देश में अभी भी सेंसर बोर्ड के सर्टिफिकेट का इंतजार है और वहीं दूसरी ओर ये फिल्म गोल्डन ग्लोब्स में स्क्रीनिंग के लिए पहुंच गई है...

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aajtak.in [Edited by: वंदना यादव]नई दिल्ली, 10 April 2017
भारत में बैन, गोल्डन ग्लोब्स में चमकेगी 'लिपस्टिक अंडर माय बुर्का'  फिल्म का पोस्टर

लॉस एंजिलिस में हुआ इंडियन फिल्म फेस्ट‍िवल फिल्म 'लिपस्टि‍क अंडर माई बुर्का' के लिए काफी सरप्राइजिंग रहा. डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव के निर्देशन में बनी फिल्म को जहां अपने ही देश में बैन कर दिया गया है, वहीं दूसरी तरफ इस फिल्म ने गोल्डन ग्लोब्स में अपनी जगह बना ली है.

डायरेक्टर अलंकृता श्रीवास्तव ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि हॉलीवुड फॉरेन प्रेस एसोसिएशन ने हमारी फिल्म 'लिपस्टि‍क अंडर माई बुर्का' को गोल्डन ग्लोब्स में स्क्रीनिंग के लिए चुना है. फिल्म की डायरेक्टर अलंकृता के लिए अब इस फिल्म को गोल्डन ग्लोब्स अवॉर्ड्स में अपनी फिल्म को नॉमिनेट करने का चांस भी मिल सकता है.

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अलंकृता ने आगे कहा कि मैंने यहां तक पहुंचने का कभी सोचा भी नहीं था. ये मेरे और मेरी टीम के लिए बहुत बड़ी बात है. मैं इस बात का श्रेय अपनी टीम और क्रू को देती हूं.

प्रकाश झा के प्रोडक्शन में बनी फिल्म 'लिपस्टिक अंडर माई बुर्का' को सेंसर बोर्ड ने सर्टिफिकेट देने से मना कर दिया है. फिल्म को मुंबई फिल्म फेस्टिवल में बेस्ट फिल्म का ऑक्सफैम अवॉर्ड मिल चुका है और टोक्यो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी इसे द स्पिरिट ऑफ एशिया प्राइज दिया जा चुका है, लेकिन सेंसर बोर्ड को ये फिल्म समझ नहीं आ रही.

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भारत के छोटे से शहर की कहानी पर बेस्ड 'लिपस्टिक अंडर माइ बुर्का' में कोंकणा सेन शर्मा, रत्ना पाठक शाह, अहाना कुमरा, प्लाबिता बोरठाकुर के इर्द-गिर्द घूमती है, जो जिंदगी को अपने ढंग से जीने की इच्छा रखती हैं.

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