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बदमाशों को गोली मारकर नेशनल शूटर ने बचाई अगवा देवर की जान

नेशनल लेवल की शूटर आयशा फलक बहादुरी की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिससे सुनकर हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है. अपने रिश्ते के भाई को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाने के लिए फलक उनसे जा भिड़ गई. उसने बदमाशों को गोली मारकर अपने भाई को छुड़ा लिया. घायल बदमाशों को पुलिस ने बिना देर किए धर दबोचा. इस मामले की जांच की जा रही है.

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aajtak.in
मुकेश कुमार/ पुनीत शर्मा नई दिल्ली, 28 May 2017
बदमाशों को गोली मारकर नेशनल शूटर ने बचाई अगवा देवर की जान नेशनल लेवल की शूटर आयशा फलक बहादुरी

देश की राजधानी दिल्ली में नेशनल लेवल शूटर पति-पत्नी की बहादुरी और सूझबूझ ने एक शख्स की न केवल जान बचाई बल्कि किडनैपर्स को धूल भी चटा दी. अपने घर में शूटिंग की प्रैक्टिस कर रही है आइशा ने महिलाओं के लिए एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो साहस और सूझबूझ का परिचय देने के साथ ही लोगों को जगाने का काम भी करती है.

जी हां, ऐसा ही वाक्या दिल्ली के भजनपुरा इलाके में सामने आया है. यहां आयशा नाम की एक नेशनल लेवल की शूटर ने बदमाशों के चंगुल से अपने देवर को न केवल छुड़ाया बल्कि बदमाशों के पैर पर गोली मारकर उनको भी पुलिस के हवाले कर दिया. ये पूरा मामला 25 मई को गुरुवार की रात का है. आयशा अपने पति फलक शेर आलम के साथ कार्यक्रम में गई हुई थी.

इसी दौरान उनके बड़े देवर का फोन आया, जिसमें उन्होंने इनसे 25 हजार रुपये मांगे. उन्होंने बताया कि छोटे भाई आसिफ को किसी ने किडनैप कर लिया है. आसिफ दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट है और पार्ट टाइम कैब भी चलाते हैं. गुरुवार को उन्होंने दो पैसेंजर्स रफी और आकाश को दरियागंज से बैठाया. उन्हें भोपुरा जाना था, लेकिन उन्होंने अपना रूट बदल लिया.

जानकारी के मुताबिक, आसिफ ने जब इसका विरोध किया तो उसे धमकाया गया. दोनों बदमाश उसे किडनैप करके भोपरा बॉर्डर के पास ले गए. वहां उन्होंने उसके साथ मारपीट और लूटपाट की, जब इससे भी जी नहीं भरा तो उन्होंने आसिफ के घरवालों को कॉल करके 25 हजार रुपये की फिरौती मांगी. घरवाले एक तय जगह पर फिरौती की रकम पहुंचाने पहुंचे.

परिजनों के साथ आयशा भी साथ में थी. परिजनों की कार जब बदमाशों के पास पहुंची, तो उन्होंने पैसे ले लिए और आसिफ को छोड़ने के लिए जैसे ही कार की गेट गोली. एक गोली एक बदमाश की कमर में, तो दूसरे के पैर में जा कर लगी. यह गोली किसी और ने नहीं बल्कि नेशनल लेवल की शूटर आयशा फलक ने चलाई थी. उसने पर्स में अपनी पिस्टल रखी थी.

33 वर्षीय आयशा फलक के पास लाइसेंसी पिस्टल है. उसे वह हमेशा अपने पर्स में रखती है. आयशा ने बताया कि उसे इस तरह फायरिंग करते देख आसिफ हैरान था. वह तुरंत उनके पास भागता हुआ आया. वह डर के मारे कांप रहा था. वह भी कांप रही थीं, लेकिन उन्हें खुशी थी कि बदमाश पकड़ गए. पुलिस आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है.
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