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'50-60 रुपये में ब‍िक जाते हैं, पत्रकार एंटी नेशनल' -कंगना ने अपने बयान का ऐसे किया बचाव

कंगना रनौत का नाम इन द‍िनों फिल्म जजमेंटल है क्या की र‍िलीज से ज्यादा फिल्म प्रमोशन के दौरान हुई कंट्रोवर्सी की वजह से चर्चा में है. इस पूरे मामले में कंगना रनौत ने इंड‍िया टुडे से खास बातचीत में अपना पक्ष रखा.

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aajtak.inनई दिल्ली, 16 July 2019
'50-60 रुपये में ब‍िक जाते हैं, पत्रकार एंटी नेशनल' -कंगना ने अपने बयान का ऐसे किया बचाव कंगना रनौत

कंगना रनौत का नाम इन द‍िनों फिल्म जजमेंटल है क्या की र‍िलीज से ज्यादा फिल्म प्रमोशन के दौरान हुई कंट्रोवर्सी की वजह से चर्चा में है. इस पूरे मामले में कंगना रनौत ने इंड‍िया टुडे से खास बातचीत में अपना पक्ष रखा. कंगना ने जर्नल‍िस्ट संग बहस से लेकर नोट‍िस भेजे जाने तक, हर सवाल का बेबाकी से जवाब द‍िया.

कंगना ने कहा, "मुझे क्र‍िटस‍िज्म बहुत पसंद है. अगर मैंने ज‍िस तरह से अपनी पर्सनाल‍िटी को इम्प्रूव किया है. ज‍िस तरह मैं आज अपनी स्पीच पर काम कर सकी हूं, ये सब तो क्र‍िटस‍िज्म की वजह से है."

मीडिया के कुछ लोगों को एंटी नेशनल बताने के सवाल पर कंगना ने कहा, "मेरी फिल्म मणिकर्ण‍िका को ट्रोल किया गया. मैंने फिल्म की तो मुझे पूरी तरह से गाइडलाइन पता थीं. मैं उसे फॉलो करते हुए काम कर रही थी. वो महज किरदार नहीं था, उसकी एक गर‍िमा है. उदाहरण के तौर पर मैं बताना चाहती हूं कि जैसे फिल्म भगत सिंह है, आप फिल्म क्र‍िट‍िसाइज कर सकते हैं, लेकिन आप उनका (भगत सिंह) नाम नहीं खराब कर सकते हैं. ऐसा करना फनी नहीं है. ठीक इसी तरह आप मणिकर्ण‍िका का नाम खराब नहीं कर सकते हैं, स‍िर्फ इसल‍िए कि आपकी सोच क्या है. मैंने एंटी नेशनल शब्द इसल‍िए बोला क्योंकि आप फिल्मों के बहाने अपनी सोच से देश के उन महान लोगों का नाम भी खराब कर रहे हैं."

जर्नलिस्ट से विवाद और फिर एंटरटेनमेंट जर्नलिस्ट गिल्ड ऑफ़ इंडिया से मिले नोटिस को लेकर कंगना ने कहा, "मुझे जो नोट‍िस मिले हैं उनमें लिखा है मैंने गाली दी. लेकिन ऐसा नहीं है. पूरा वीड‍ियो बस सवाल-जवाब का है. मुझे ज‍िसकी बातें बेकार लगीं, उसका जवाब नहीं देना चाहती हूं. उसमें गालियां देने जैसी बात कहां हैं? चार लोगों ने मिलकर रातोरात एक संस्था बनाई और मेरे खिलॉफ नोट‍िस जारी कर द‍िया कि हम बैन कर रहे हैं. ये तो कानून को हाथ में लेने जैसा है. वो होते कौन हैं ऐसा करने वाले. जब ऐसा हो रहा है तो मैं क्यों चुप रहूं. मैंने भी एक्शन ल‍िया."

कंगना ने आरोप लगाया कि मुंबई में मीडिया पर मूवी माफियाओं का कंट्रोल है. और मूवी माफियाओं में वो लोग शामिल हैं जिनसे कंगना की अदावत है. कंगना के मुताबिक़ मूवी माफियाओं के इशारे पर, पैसे देकर ऐसे पत्रकारों से उनकी फिल्मों और उनके खिलाफ  लिखवाया जाता है.

बता दें कि कंगना रनौत ने जजमेंटल है क्या गाने के प्रमोशन के वक्त हुई बहस के बाद एक वीड‍ियो जारी किया था. इस वीड‍ियो में कंगना ने मीड‍िया के एक तबके को चंद पैसों में ब‍िक जाने वाला बताया था.

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