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सिनेमाघर मालिकों को डर: SC के फैसले के बावजूद गुजरात में रिलीज नहीं होगी 'पद्मावत'

पद्मावत को लेकर संजय लीला भंसाली को बॉलीवुड में भले ही अक्षय कुमार से बड़ी राहत मिली लेकिन अभी उनके लिए मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म गुजरात में रिलीज नहीं हो पाएगी. दरअसल, गुजरात के मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने राज्य में कहीं भी पद्मावत की स्क्रीनिंग नहीं करने का फैसला लिया है.

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aajtak.in
अनुज शुक्ला 21 January 2018
सिनेमाघर मालिकों को डर: SC के फैसले के बावजूद गुजरात में रिलीज नहीं होगी 'पद्मावत' शाहिद कपूर और दीपिका पादुकोण

पद्मावत को लेकर संजय लीला भंसाली को बॉलीवुड में भले ही अक्षय कुमार से बड़ी राहत मिली लेकिन अभी उनके लिए मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं. खबर है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद भंसाली की बहुप्रतीक्षित फिल्म गुजरात में रिलीज नहीं हो पाएगी. दरअसल, गुजरात के मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ने राज्य में कहीं भी पद्मावत की स्क्रीनिंग नहीं करने का फैसला लिया है.

गुजरात मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के राकेश पटेल ने एएनआई से कहा, 'हमने गुजरात में कहीं भी फिल्म की स्क्रीनिंग नहीं करने का फैसला लिया है. हर कोई डरा हुआ है. मल्टीप्लेक्स नुकसान से नहीं उठाना चाहते हैं. आखिर हम नुकसान उठाए ही क्यों.'

बताते चलें कि गुजरात में धमकियां, आगजनी और प्रदर्शन के मामले सामने आए हैं. राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने पहले ही फिल्म पर प्रतिबंध लगा दिया था. राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश जैसे तीन अन्य राज्यों ने भी पद्मावत की स्क्रीनिंग को बैन कर दिया था. हालांकि निर्माताओं की एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों के बैन को असंवैधानिक करार दे दिया.

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सम्बंधित राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग की थी. लेकिन अब सिनेमाघर संचालकों के इस कदम से भंसाली की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. हो सकता है कि विरोध और हिंसा के डर की वजह से दूसरे राज्य भी पद्मावत को लेकर कोई ऐसा ही फैसला ले लें.

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बैन हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर राज्यों ने हैरानी जताई है. यह भी कहा कि कोर्ट ने उनकी चिंताओं और पक्ष को नहीं सुना. हरियाणा और राजस्थान की सरकार ने अपने अधिकारों की दुहाई भी दी है. खबर यह भी है कि बैन लगाने वाले राज्य अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अपने-अपने राज्यों में फिल्म की स्क्रीनिंग रोकने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रहे हैं. वसुंधरा और शिवराज सरकार ने इसके संकेत भी दिए हैं.

गुजरात में भी राजस्थान की तरह सबसे ज्यादा फिल्म का विरोध देखने को मिल रहा है. प्रदर्शन, छिटपुट आगजनी के मामले नजर आए हैं.

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अहमदाबाद में महाकाल सेना के अध्यक्ष संजय सिंह राठौर ने आज तक से कहा भी था कि वो लोग हर हाल में फिल्म की स्क्रीनिंग रोकेंगे. करणी सेना ने भी कुछ ऐसी ही धमकी दी है. संजय सिंह ने कहा था, 'डेढ़ साल से आंदोलन चल रहा है. किसी भी हालत पर ये फ़िल्म गुजरात में नहीं चलने देंगे. सरकार, फ़िल्म प्रोड्यूसर के बीच लुका-छिपी का खेल चल रहा है. मैं गुजरात सरकार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री से विनती करता हूं लुका-छिपी के खेल से हमें हथियार पकड़ने कि लिए मजबूर न करें.

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