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शोखियों में घोला जाये...लिखने वाले नीरज नहीं रहे, उनके ये गाने मशहूर

जाने-माने कवि और गीतकार गोपाल दास नीरज का गुरुवार को निधन हो गया.

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aajtak.in [Edited By: महेन्द्र गुप्ता]नई दिल्ली, 20 July 2018
शोखियों में घोला जाये...लिखने वाले नीरज नहीं रहे, उनके ये गाने मशहूर गोपालदास नीरज

जाने-माने कवि और गीतकार गोपालदास नीरज का गुरुवार को निधन हो गया. दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उनका इलाज चल रहा था. नीरज 93 वर्ष के थे. बॉलीवुड फिल्मों में लिखे उनके कई गाने बेहद मशहूर हुए.

4 जनवरी 1925 को उत्तर प्रदेश के इटावा में जन्मे नीरज की शैली समझने में आसान और उच्च गुणवत्ता वाली रही है. उन्होंने एसडी बर्मन द्वारा कंपोज किए गए और राज कपूर, धर्मेंद्र, राजेश खन्ना जैसे नायकों पर फिल्माए गए कई सदाबहार गीत लिखे हैं. जन समाज की दृष्टि में वे मानव प्रेम के अन्यतम गायक हैं. वर्तमान समय में सर्वाधिक लोकप्रिय कवि हैं, जिन्होंने अपनी मर्मस्पर्शी काव्यानुभूति और सरल भाषा द्वारा हिन्दी कविता को एक नया मोड़ दिया है.

'कारवां गुजर गया गुबार देखते रहे' जैसे मशहूर गीत लिखने वाले नीरज को उनके बेजोड़ गीतों के लिए फिल्म फेयर पुरस्कार भी मिला है. 'पहचान' फिल्म के गीत 'बस यही अपराध मैं हर बार करता हूं', काल का पहिया घूमे रे भइया! (चंदा और बिजली) और 'मेरा नाम जोकर' के 'ए भाई! ज़रा देख के चलो' ने नीरज को कामयाबी की बुलंदियों पर पहुंचाया.

नीरज को अब तक कई पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, जिसमें पद्म श्री (1991), पद्म भूषण (2007), विश्व उर्दू परिषद् पुरस्कार, यश भारती पुरस्कार आदि प्रमुख है. उनकी प्रमुख रचनाओं में दर्द दिया, प्राणगीत, आसावरी, बादर बरस गयो, दो गीत, नदी किनारे, संघर्ष, विभावरी, नीरज की पाती, लहर पुकारे, मुक्तकी, गीत भी अगीत भी आदि शामिल है.

नीरज का ल‍िखा सबसे लोकप्रिय गीत है 'शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाब' और 'लिखे जो खत तुझे'. इसके अलावा उनकी कविताएं और गजल भी मशहूर हैं. पेश हैं उनके लोकप्रिय गाने.

1. ए भाई, ज़रा देखके चलो-

ए भाई, ज़रा देखके चलो, आगे ही नहीं पीछे भी

दायें ही नहीं बायें भी, ऊपर ही नहीं नीचे भी) - 2

ए भाई

2. दिल आज शायर है, ग़म आज नग़मा है-

दिल आज शायर है, ग़म आज नग़मा है

शब ये ग़ज़ल है सनम

गैरों के शेरों को ओ सुनने वाले

हो इस तरफ़ भी करम

गुजर गया कारवां: नहीं रहे मशहूर गीतकार गोपालदास 'नीरज'

3. लिखे जो ख़त तुझे-

लिखे जो ख़त तुझे

वो तेरी याद में

हज़ारों रंग के

नज़ारे बन गए

4. आज मदहोश हुआ जाए रे-

आज मदहोश हुआ जाए रे

मेरा मन मेरा मन मेरा मन

बिना ही बात मुस्कुराए रे

मेरा मन मेरा मन मेरा मन

ओ री कली सजा तू डोली

ओ री लहर पहना तू पायल

ओ री नदी दिखा तू दर्पन

ओ री किरण उड़ा तू आँचल

एक जोगन है बनी आज दुल्हन हो ओ

आओ उड़ जाएं कहीं बनके पवन

आज मदहोश हुआ जाए रे

5. शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाब-

शोखियों में घोला जाये, फूलों का शबाब

उसमें फिर मिलायी जाये, थोड़ी सी शराब

होगा यूं नशा जो तैयार

हाँ...

6 . कारवाँ गुज़र गया गुब्बार देखते रहे-

स्वप्न झड़े फूल से, मीत चुभे शूल से

लुट गये श्रृंगार सभी, बाग के बबूल से

और हम खड़े खड़े, बहार देखते रहे

कारवाँ गुज़र गया, गुबार देखते रहे

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