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चित्रांगदा सिंह को पसंद है एडवेंचर गेम

चित्रांगदा सिंह ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली है. हाल ही में फिल्‍म 'जोकर' में भी उन्‍होंने 'काफिराना' में जबरदस्‍त आइटम सॉन्‍ग देकर सबको मुग्‍ध कर दिया. चित्रांगदा खुद को काम के पीछे पागल नहीं मानती हैं.

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aajtak.in
आजतक वेब ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 05 October 2012
चित्रांगदा सिंह को पसंद है एडवेंचर गेम चित्रांगदा सिंह

चित्रांगदा सिंह ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना ली है. हाल ही में फिल्‍म 'जोकर' में भी उन्‍होंने 'काफिराना'में जबरदस्‍त आइटम सॉन्‍ग देकर सबको मुग्‍ध कर दिया. चित्रांगदा खुद को काम के पीछे पागल नहीं मानती हैं.

चित्रांगदा का कहना है, 'मै बस वो हूं जो अपने समय के साथ हमेशा कुछ करना चाहती है. यह काम सिर्फ फिल्‍म ही नहीं है बल्कि मेरे शौक भी हैं जैसे स्‍काई डाइविंग और डीप सी डाइविंग.'

चित्रांगदा बहुत हिम्‍मतवाली हैं और हाल ही में एडवेंचर ट्रिप से लौटी हैं. अपनी छुट्टियों के बारे में चित्रांगदा बताती हैं, 'यह मेरी अब तक कि सबसे लंबी छुट्टियां थीं और इसका मैने जमकर लुत्‍फ उठाया. मैने को-समुई में 48 घंटों की सी डाइविंग और कैलिफोर्निया में स्‍काई डाइविंग की. प्रेशर बदलने के कारण मेरे कान में बहुत दर्द भी था लेकिन मुझे एडवेंचर में बहुत मजा आया.'

परिवार के साथ छुट्टियां मनाने के अलावा चित्रांगदा कई प्रोजेक्‍ट में भी व्‍यस्‍त हैं जो कि अगले साल रिलीज होंगी. जब से चित्रांगदा इंडस्‍ट्री में आई है तब से अब तक इसमें बहुत से बदलाव हुए हैं. चित्रांगदा कहती हैं, 'मुझे विश्‍वास नहीं होता है कि इंडस्‍ट्री में आए दस साल हो चुके हैं. अब सिनेमा में बहुत बदलाव आया है. फैशन और कहानी जैसी फिल्‍मों से सिनेमा में अभिनेत्रियों की भी खास जगह बनी हैं. इस बदलाव का हिस्‍सा बनकर मुझे अच्‍छा लग रहा है.'

चित्रांगदा ने कहा, 'जब मैने फिल्‍मों में काम करना शुरू किया तब मुझे इस इंडस्‍ट्री की बहुत कम जानकारी थी. मै मेरी पहली फिल्‍म 'हजारों ख्‍वाहिशें ऐसी' से पहले मुंबई भी नहीं आई थी. यह मायने नहीं रखता कि आप क्‍या कर रहे हैं या कौन सी फिल्‍में चुन रहे हैं, जरूरी इस बात का ध्‍यान रखना है कि कोई आपके ऊपर पैसा लगा रहा है और आपको अपने काम के प्रति गंभीर होना पड़ेगा. इतने सालों से मै इन बदलावों से गुजरी हूं.'

यह पूछने पर कि क्‍या चित्रांगदा सहयोगियों के बीच से दोस्‍त बना पाई हैं? वो कहती हैं, 'काम की जगह में दोस्‍त बनाए जा सकते हैं लेकिन आप वो संबंध तब तक अच्‍छे से नहीं बना सकते जब तक आप आपस में अच्‍छा वक्‍त न गुजरें. फराह अली खान मेरी अच्‍छी दोस्‍त हैं, मै उनके साथ बातचीत करती हूं और उनके बहुत करीब हूं.'

फिल्‍म 'हजारों ख्‍वाहिशें ऐसी' करने के बाद चित्रांगदा ने गोल्‍फर ज्‍योति रंधावा से शादी कर ली. शादी के बाद से उनके रिश्‍तों को लेकर भी कई बातें होनी लगीं. यह खबरें भी आई कि चित्रांगदा ने अपने पति के कारण फिल्‍मों में काम करना छोड़ दिया है. लेकिन चित्रांगदा ने अपने परिवार को लेकर कभी कुछ नहीं कहा. उन्‍होंने अपने परिवार को हमेशा से ही मीडिया से दूर रखा और इसके बारे में कम से कम बातचीत की.

यह पूछने पर कि क्‍या जिंदगी वैसी ही चल रही है जैसा वो सोचती? चित्रांगदा कहती हैं, 'जब मै 18 साल की थी तब मै जानती भी नहीं थी कि मै क्‍या चाहती हूं. फिल्‍म मेरे लिए एक सरप्राइज था. मै एक डांसर भी बन सकती थी, मै तीन साल तक कथक का प्रशिक्षण भी लिया था. मै सोचती थी कि फिट रहने के लिए और अच्‍छे फिगर के लिए डांस करना जरूरी है, एक वक्‍त तक मैने खूब योगा भी किया लेकिन मुझे कुछ खास फायदा नहीं हुआ.'

चित्रांगदा के वार्डरोब के बारे में वह कहती हैं, 'उसमें 30 ब्‍लू जींस है, 15 सफेद शर्ट और अनगिनत सफेद टीशर्ट हैं. अब जब भी मै अपनी स्‍टाइलिस्‍ट के साथ शॉपिंग के लिए जाती हूं तो वो मुझे कुछ भी काला, सफेद और ग्रे नहीं खरीदने देती है. मुझे जैकी ओ, 50 और 60 के दशक का फैशन बहुत पसंद है, मै खुश हूं कि कॉलर वाले फ्रॉक का फैशन लौट रहा है वो बहुत ही खूबसूरत नजर आते हैं. कुछ बहुत खास बदलाव दिखा नहीं तो मैने उसे बंद कर दिया. एक वक्‍त था जब मै महंगे शॉपिंग के लिए बहुत क्रेजी हुआ करती थी लेकिन अब मै समझदारी से अपने लिए शॉपिंग करती हूं. '

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