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ये एक्टर पहले था पेंटर, बॉलीवुड में लाई नेचुरल एक्टिंग की लहर

आम सी शक्ल, साधारण शरीर, आवाज में एक मधुरता, स्वभाव में एक शालीनता. एक्टर का नाम अमोल पालेकर. उनके जन्मदिन पर बता रहे हैं एक्टर के बारे में कुछ खास बातें.

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aajtak.in नई दिल्ली, 24 November 2019
ये एक्टर पहले था पेंटर, बॉलीवुड में लाई नेचुरल एक्टिंग की लहर अमोल पालेकर

हिंदी सिनेमा में 70 के दशक को गोल्डन एरा माना जाता है. ये एक ऐसा एरा था जिसमें फिल्मों की पटकथाओं से लेकर गानों तक का लोगों पर जबरदस्त क्रेज रहता था. हीरो की छवि मारपीट करने और हिरोइन संग रोमांस करने की बन गई थी. इसी दशक में एक ऐसा एक्टर आता है जो वर्षों से चली आ रही एक्टर की छवि को पूरी तरह से धाराशाई कर के रख देता है. उस एक्टर का प्रभाव ऐसा रहता है कि कुछ समय के लिए तो अमिताभ बच्चन का एंग्री यंग मैन भी शांत हो जाता है, धर्मेंद्र का हीमैन भी और राजेश खन्ना का जादू भी. आम सी शक्ल, साधारण शरीर, आवाज में एक मधुरता, स्वभाव में एक शालीनता. एक्टर का नाम अमोल पालेकर. उनके जन्मदिन पर बता रहे हैं एक्टर के बारे में कुछ खास बातें.  

अमोल पालेकर का जन्म 24 नवंबर, 1944 को मुंबई में हुआ था. उन्होंने बतौर निर्देशक कई फिल्में बनाईं, जिनमें कच्ची धूप, दायरा, नकाब और पहेली जैसी फिल्में शामिल हैं. अमोल, मराठी और हिंदी के अलावा कन्नड़, बंगाली और मलयाली फिल्मों में भी काम कर चुके हैं. पालेकर ने बॉलिवुड में करीब डेढ़ दशक तक काम किया, लेकिन उन्हें सिर्फ एक बार फिल्म फेयर अवार्ड मिला. साल 1980 में यह पुरस्कार उन्हें गोलमाल के लिए दिया गया था. इस फिल्म की वजह से ही अमोल पालेकर को आज लोग जानते हैं. मगर कला के क्षेत्र में उनका योगदान कहीं ज्यादा है.

अमोल पालेकर के पिता पोस्ट ऑफिस में नौकरी करते थे और उनकी मां एक प्राइवेट सेक्टर में काम करती थीं. वह बेहद सामान्य परिवार में जन्मे थे, लेकिन रंगमंच पर उनका जादू ऐसा चला कि उन्हें बॉलिवुड से ऑफर आने लगे. रजनीगंधा, घरौंदा, गोलमाल, छोटी सी बात उनके करियर की बेहतरीन फिल्में साबित हुईं.

पालेकर ने मुंबई के प्रतिष्ठित कला संस्थान जेजे स्कूल ऑफ आर्ट में कला की पढ़ाई की. उनकी रूची पेंटिंग में रही, लेकिन वह कॉलेज के दिनों से ही एक्टर बनना चाहते थे और उनका यही शौक बाद में उन्हें बुलंदियों तक ले गया. अमोल पालेकर ने दो शादी कीं. उनकी पहली पत्नी का नाम चित्रा और दूसरी पत्नी का नाम संध्या गोखले है. पालेकर की दो बेटियां हैं. पालेकर को फिल्मों में आने के लिए ज्यादा संघर्ष नहीं करना पड़ा. वे थियेटर में जाना पहचाना नाम थे. बासु चटर्जी और ऋषिकेश मुखर्जी उनके नाटक देखने जाया करते थे.

आजकल बॉलीवुड में आयुष्मान खुराना की फिल्मों का बोलबाला है. आयुष्मान की फिल्में लो बजट की होती हैं मगर धमाल मचा देती हैं. मगर अमोल पालेकर ये कमाल काफी पहले कर चुके हैं. उनकी फिल्म छोटी सी बात एक लो बजट फिल्म थी. मगर बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई कर गई. फिल्म की सफलता ने उस समय बॉलिवुड में हलचल मचा दी थी. यही नहीं अमोल पालेकर की ही फिल्म घरौंदा से मिलती हुई एक फिल्म कुछ समय पहले रिलीज हुई. विक्की कौशल की फिल्म लव अंडर स्क्वायर फीट की स्क्रिप्ट इस फिल्म से मेल खाती है. फिल्म घरौंदा का वो गाना तो आपने सुना ही होगा. 'एक अकेला इस शहर में.'

साल 2005 में अमोल पालेकर निर्देशित फिल्म पहेली ऑस्कर की विदेशी फिल्म श्रेणी में भारतीय फिल्म के तौर पर शामिल हुई थी, लेकिन यह नामांकन तक नहीं पहुंच पाई थीं. उस वक्त अमोल काफी मायूस हुए थे. उन्होंने कहा था कि ऑस्कर में लॉबिंग बेहद जरूरी है.

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