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मुजफ्फरपुर रेप केसः JDU-BJP में तकरार, सीपी ठाकुर ने नीतीश के मंत्री का मांगा इस्तीफा

अब तक सिर्फ राजद, कांग्रेस व वाम पार्टियों ने मंजू वर्मा के इस्तीफे व मामले में कथित तौर पर उनके पति की संलिप्तता को लेकर गिरफ्तारी की मांग की है. मगर बीजेपी ने भी मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग की है.

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aajtak.in
सुजीत झा/ वरुण शैलेश पटना, 05 August 2018
मुजफ्फरपुर रेप केसः JDU-BJP में तकरार, सीपी ठाकुर ने नीतीश के मंत्री का मांगा इस्तीफा नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन (फोटो-PTI)

मुजफ्फरपुर बालिका गृह के महापाप मामले में नीतीश सरकार लगातार विपक्ष के निशाने पर है. अब सहयोगी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ से भी सवाल उठने लगे हैं. भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सीपी ठाकुर ने इस मामले में पहली बार सवाल खड़े करते हुए समाज कल्याण विभाग की मंत्री मंजू वर्मा से इस्तीफे की मांग की.

उल्लेखनीय है कि इस मामले में अब तक सिर्फ राजद, कांग्रेस व वाम पार्टियों ने मंजू वर्मा के इस्तीफे व मामले में कथित तौर पर उनके पति की संलिप्तता को लेकर गिरफ्तारी की मांग करती रही हैं. सीबीआई आश्रय गृह दुष्कर्म मामले की जांच कर रही है.

सीपी ठाकुर ने रविवार को कहा कि बच्चियों के साथ इतनी बड़ी घटना घट रही थी और समाज कल्याण विभाग को जानकारी नहीं हो, ये हैरान करने वाली बात है. ये पूरी तरह से समाज कल्याण विभाग की चूक है. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा संचालित कई संस्थानों में भी गड़बड़ियां हो रही हैं.

सी.पी. ठाकुर ने कहा, "मंजू वर्मा को उनके विभाग के तहत चलाए जा रहे आश्रय गृह में जो हुआ उसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए." मुजफ्फरपुर मामले के बीते महीने सामने आने के बाद ठाकुर भाजपा के पहले नेता हैं जिन्होंने मंजू वर्मा के इस्तीफे की मांग की है. उन्होंने हैरानी जताई कि यह कैसे संभव है कि इस तरह का अपराध हुआ और समाज कल्याण विभाग को इसकी कोई जानकारी नहीं थी.

उन्होंने कहा, "मुजफ्फरपुर की घटना समाज कल्याण विभाग की लापरवाही का परिणाम है." ठाकुर ने कहा कि जब उन्हें घटना के बारे में जानकारी हुई तो वह आश्रय गृह जाना चाहते थे, लेकिन यह स्तब्ध करने वाला मामला मीडिया की हेडलाइन बन गया.

सीपी ठाकुर ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सब पर कार्रवाई होनी चाहिए आखिर उन्हें बच्चियों के साथ हो रहे व्यवहार की जानकारी क्यों नहीं थी?

गौरतलब है कि मंजू वर्मा के पति पर आरोप है कि वे मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम में बराबर आया-जाया करते थे. वहीं मंजू वर्मा पति की ओर से लगे आरोपों से इंकार करती हैं. एक दफे साथ जाने की बात कबूलती हैं. मीडिया के इस्तीफा देने के सवाल पर मंजू वर्मा भड़क भी जाती हैं. पहले उन्होंने यह भी कहा था कि अगर उनके पति पर आरोप साबित होगा तो वह इस्तीफा दे देंगी. जाहिर है सीपी ठाकुर के इस बयान से मंत्री मंजू वर्मा और नीतीश कुमार की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं. साथ ही एनडीए में इससे घमासान भी मच सकता है. अभी फ़िलहाल सीपी ठाकुर के इस बयान पर जदयू की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

बता दें कि मुजफ्फरनगर आश्रय गृह में नाबालिगों से दुष्कर्म का मामला टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज मुंबई द्वारा आश्रय गृह के किए गए सोशल ऑडिट के आधार पर बिहार समाज कल्याण विभाग द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद सामने आया.

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