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देवी-देवताआें की तस्वीरों को लेकर विवाद में रहा है यह पेंटर

जानिए एक ऐसे कलाकार के बारे में जिसने देवी-देवताआें की पेंटिंग को राजाओं के घर से बाहर निकालकर आम लोगों तक पहुंचा दिया...

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aajtak.in [Edited By: स्नेहा]नई दिल्ली, 29 April 2016
देवी-देवताआें की तस्वीरों को लेकर विवाद में रहा है यह पेंटर Galaxy of Musicians by Raja Ravi Verma

देश में पेंटिंग की दुनिया का जाना-माना नाम हैं राजा रवि वर्मा जिन पर एक फिल्म भी बन चुकी है. इनका जन्म साल 1848 में 29 अप्रैल को हुआ था और देवी-देवताओं की पेंटिंग को घर-घर तक पहुंचाने का श्रेय इन्हीं को जाता है.
हालांकि उस दौर में अपने इस काम की वजह से वह विवादों में रहे और आज भी इनके काम को लेकर लोग खेमों में बंटे हुए हैं.

जानिए इनसे संबंधित मुख्य फैक्ट्स...

1. मशहूर पेंटर राजा रवि वर्मा ऑयल पेंट इस्तेमाल करने वाले और लिथोग्राफिक रि‍प्रोडक्शन की कला में पारंगत शुरुआती हिंदुस्तानियों में से एक हैं.

2. उन्होंने लिथोग्राफिक प्रेस लगाई ताकि पेंटिंग की ज्यादा से ज्यादा प्रतियां तैयार की जा सकें और आम लोग इनको खरीद सकें.

3. त्रावणकोर के महाराजा वाली उनकी पेंटिंग साल 2007 में नीलामी के दौरान 5.7 करोड़ रुपये में बिकी थी.

4. हिंदी फिल्म 'रंगरसिया' उन्हीं की जिंदगी पर आधारित थी जिसमें रणदीप हुड्डा ने मुख्य भूमिका निभाई थी.

5. जब वह पेंटिंग करते थे तो एक बार उन्होंने कहा था कि क्या पता, जो तस्वीरें आज राजा-महाराजाओं के लिए बनाई जा रही हैं, वो कल को किसी म्यूजियम में सजें.

6. वर्मा की मां खुद कविता लिखती थीं. मां के मरने के बाद वर्मा ने उनकी किताब भी छपवाई.

7. 18 साल की उम्र में उनका विवाह हुआ था. उस समय उनकी पत्नी भागीरथी बाई की उम्र 12 साल थी.

8. वर्मा को उनकी पेंटिंग के लिए अंग्रेजों ने 'केसर-ए-हिन्द' की उपाधि‍ से नवाजा था.

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