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Review: कमजोर कहानी, लेकिन कलंक में दमदार है आलिया भट्ट-वरुण धवन की एक्टिंग

कलंक का बैकड्रॉप हुसैनाबाद नाम के एक काल्पनिक शहर पर आधारित है. दर्द और तकलीफ से भरी करीब तीन घंटे की यह फिल्म जब खत्म होती है तो आप थिएटर से बाहर नहीं आना चाहते हैं.

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अनन्या भट्टाचार्य [Edited By: पुनीत पाराशर]नई दिल्ली, 17 April 2019
Review: कमजोर कहानी, लेकिन कलंक में दमदार है आलिया भट्ट-वरुण धवन की एक्टिंग कलंक का पोस्टर
फिल्म: Kalank
कलाकार: Varun Dhawan, Alia Bhatt, Sanjay Dutt, Madhuri Dixit, Sonakshi Sinha
निर्देशक: Abhishek Varman

धर्मा प्रोडक्शन की मल्टीस्टारर फिल्म कलंक की कहानी 1940 के दशक की दास्तां बयां करती है. बात करें कलंक के बैकड्रॉप की तो यह हुसैनाबाद नाम के एक काल्पनिक शहर पर आधारित है. दर्द और तकलीफ से भरी करीब तीन घंटे की यह फिल्म जब खत्म होती है तो आप थिएटर से बाहर नहीं आना चाहते हैं. दरअसल, वरुण धवन और आलिया भट्ट की प्रेम कहानी के बारे में आप और जानने को इच्छुक होते हैं.

फिल्म की कहानी आजादी से कुछ वक्त पहले के हुसैनाबाद की है जो कि एक मुस्लिम बहुल इलाका है. बलराज चौधरी का किरदार निभा रहे संजय दत्त अपने महल में बेटे आदित्य रॉय कपूर यानि देव और बहू सोनाक्षी सिन्हा (साथ्या) संग रहते हैं. कैंसर से पीड़ित साथ्या के पास जिंदगी के बस कुछ ही दिन बचे हैं और वह चाहती हैं कि उनकी मौत के बाद उनके पति अकेले नहीं रहें. वह देव की रूप (आलिया भट्ट) से शादी करवाना चाहती है.

रूप अपनी बहनों का भविष्य बचाने के लिए आदित्य रॉय कपूर यानि देव चौधरी से शादी करने के लिए राजी भी हो जाती हैं. अब रूप इस रिश्ते को बस किसी तरह ढो रही हैं. परिवार के अंदर एक कैदभरी जिंदगी जी रहीं रूप एक रोज सारी हदें पार कर जाती हैं और हीरामंडी में बहार बेगम यानि माधुरी दीक्षित के पास पहुंच जाती हैं. यहीं पर उनकी मुलाकात होती है वरुण धवन यानि जफर से. लेकिन उन्हें पता नहीं कि जफर से उनकी मोहब्बत एक 'कलंक' है.

लेखन और निर्देशन-

अभिषेक वर्मन के निर्देशन में बनी यह दूसरी फिल्म है. लेखन कितना कच्चा है इसका अंदाजा आपको तब लगता है कि जब आप आलिया भट्ट को एक सीन में रोते हुए देखते हैं और उनके डायलॉग्स सुनते हैं, या उस वक्त जब वरुण धवन आदित्य रॉय कपूर पर गुस्सा करते हैं. कलंक का कुल मिलाकर निर्देशन ऐसा है कि आप कई बार टिकट खरीदने को अपनी गलती समझने लगते हैं. ऐसा लगता है अभिषेक वर्मन ने 2 स्टेट्स का निर्देशन ज्यादा बेहतर किया था.

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Ufff ❤️❤️ #TabahHoGaye just a few more hours to go.. 💃🏻💃🏻

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संगीत और लिरिक्स-

फिल्म के गाने शानदार हैं और इन्होंने काफी तेजी से दर्शकों के दिलों में जगह बनाई है. फिल्म के गानों का फिल्मांकन भी शानदार है. इतना शानदार कि आप कई बार ये सोचते हैं कि इन दृश्यों का फिल्म की लाइन और लेंथ से क्या लेना देना है? ज्यादातर गानों का कंपोजीशन प्रीतम ने किया है और संगीत दमदार है इसमें कोई संदेह नहीं.

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#AiraGaira song out tomorrow!! 📢

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सितारों का अभिनय-

यह फिल्म बॉलीवुड के कई बड़े सितारों से सजी थी. फिल्म में आलिया भट्ट और वरुण धवन के अलावा माधुरी दीक्षित, सोनाक्षी सिन्हा और आदित्य रॉय कपूर समेत तमाम सितारे थे. कहना होगा कि अभिनय के मामले में फिल्म कच्ची नहीं लगती है, लेकिन इसकी स्क्रिप्ट दमदार नहीं है. कच्ची-पक्की स्क्रिप्ट और कमजोर डायलॉग्स के चलते फिल्म में सितारों का अभिनय कहीं-कहीं ज्यादा प्रभावी नजर आता है.

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