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Film Review: अजय के कंधों पर “सिंघम” की बाजी

अजय देवगन सिंघम रिटर्न्स के साथ बॉक्स ऑफिस पर हंगामा मचाने के लिए आ गए हैं. रोहित शेट्टी की फिल्म है. जानें फिल्म में क्या है खास...

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नरेंद्र सैनी [Edited By: दीपिका शर्मा]नई दिल्ली, 15 August 2014
Film Review: अजय के कंधों पर “सिंघम” की बाजी सिंघम रिटर्न्‍स का रिव्‍यू

स्टारः 3
कलाकारः अजय देवगन, करीना कपूर खान और अमोल गुप्ते
डायरेक्टरः रोहित शेट्टी

गोलमाल सीरीज, सिंघम और चेन्नै एक्सप्रेस जैसी शानदार फिल्में देने वाले रोहित शेट्टी अब काफी ऑब्वियस होते जा रहे हैं. अब फिल्म देखने जाने से पहले उनकी फिल्म के बारे में सारी बातें पता ही होती हैं. जैसेः एक अजब-सा विलेन होगा. शेरदिल हीरो होगा. तालीमार डायलॉग होंगे. हल्के-फुल्के मौके होंगे. कुछ गाड़ियां उड़ेंगी. धमाके होंगे और सबकुछ वैसा ही होगा जैसा सोचा था. और यहीं आकर किसी डायरेक्टर के लिए कुछ नया करने का संकट पैदा हो जाता है. 

सिंघम रिटर्न्स की बात करें तो यह भी कुछ ऐसी ही फिल्म है. काफी कुछ सिंघम जैसी ही है. फिल्म पूरी तरह से मासेज के लिए है. शायद रोहित अपने फॉर्मूले को ही आजमाना चाहते हैं औऱ कुछ नया करने के इरादे नहीं रखते हैं. यह रोहित शेट्टी और अजय देवगन के फैन्स के अलावा, मसाला फिल्मों के दीवानों के लिए एकदम सही खुराक है. हीरो जीतता है और जनता में जोश भरता है. 

कहानी में कितना दम
कहानी का तो पूछिए मत. बॉलीवुड के डायरेक्टर्स ने जैसे जिम्मा ही उठा लिया है कि पूरी फिल्म को सिर्फ सुपरस्टार पॉवर पर ही खींचना है. इसलिए उनके लिए कहानी ज्यादा मायने नहीं रखती और यह साफ नजर आता है कि कला और कहानी से बड़ा कलाकार है. कहानी के लिए ज्यादा दिमाग लगाने की जरूरत नहीं. बाजी राव सिंघम मुंबई आ जाता है. वह पहले जैसा ही दबंग और सख्त मिजाज है. कुछ नहीं बदला है. यहां भी उसकी भिडंत भ्रष्ट नेता और समाज के ठेकेदारों से होती है. उसकी प्रेमिका है. करीना कपूर जो फिल्म में बीच-बीच में आती रहती है. डायलॉगबाजी है, फाइटिंग है और गाने आते रहते हैं. मतलब मसाला फिल्म. ज्यादा सोचना नहीं. फिल्म में सब कुछ आजमाया हुआ ही है. अब मसाला फिल्में तो ऐसी ही होती है.

स्टार अपील
फिल्म पूरी तरह से अजय देवगन के ऊपर ही है. अजय का स्टाइल, ऐक्शन और डायलॉगबाजी फिल्म को खास बनाती है. वे अच्छे लगते हैं. वैसे भी उनकी पिछली फिल्म हिम्मतवाला और सत्याग्रह बॉक्स ऑफिस पर बड़ा चमत्कार नहीं कर सकी थीं, और अब तो सुपरस्टार क्लब वैसे भी 200 करोड़ रु. का हो गया है. इस तरह उनका काफी कुछ दांव पर लगा है. करीना कपूर ओके हैं. अमोल गुप्ते भी ठीक ही हैं.

कमाई की बात
फिल्म पूरी तरह से जनता के लिए बनाई गई है यानी मासेज के लिए. यह अच्छी बात है. सिंगल स्क्रीन पर देखने के बाद फिल्म पता चल जाता है कि फुलटू सीटीमार है. वैसे भी मसाला फिल्मों के फैन्स की कमी नहीं. इसे देखते हुए इसमें कोई शुबहा नहीं कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छी कमाई कर लेगी. छुट्टियों का सीजन है. बस अब देखना यह है कि अजय देवगन भी 200 करोड़ रु. की फिल्मों के क्लब में शामिल होते हैं या नहीं.

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