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मशहूर हिंदी फिल्ममेकर्स हृषि दा के बारे में जाने रोचक बातें

आज मशहूर हिंदी फिल्ममेकर्स में से एक हृषिकेश मुखर्जी उर्फ 'हृषि दा' का जन्मदिन है. एक से बढ़कर एक फिल्में देकर हृषि दा ने अपनी एक अलग छाप छोड़ रखी है. जानिए उनके बारे में कुछ बेहद खास बातें :

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आर जे आलोक [Edited By : ऋचा मिश्रा]मुंबई, 30 September 2015
मशहूर हिंदी फिल्ममेकर्स हृषि दा के  बारे में जाने रोचक बातें हृषिकेश मुखर्जी

आज मशहूर हिंदी फिल्ममेकर्स में से एक हृषिकेश मुखर्जी उर्फ 'हृषि दा' का जन्मदिन है. इंडस्ट्री में आनंद, गोलमाल, मिली, गुड्डी, जैसी एक से बढ़कर एक फिल्में देकर हृषि दा ने अपनी एक अलग छाप छोड़ रखी है. जानिए उनके बारे में कुछ बेहद खास बातें :

1. हृषिकेश मुखर्जी का जन्म 30 सितम्बर 1922 को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) में 'बंगाली ब्राह्मण' परिवार में हुआ था.

2. 'हृषि दा' ने साइंस की पढ़ाई की और कोलकाता यूनिवर्सिटी से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन भी किया था. हृषि दा ने कुछ साल तक स्टूडेंट्स को गणित और साइंस की शिक्षा भी दी.

3. हृषिकेश मुखर्जी को इंडस्ट्री और करीब के लोग 'हृषि दा' के नाम से बुलाते थे.

4. उन्‍होंने अपने 4 दशक के करियर में 42 फिल्में डायरेक्ट की ,जिनमें चुपके चुपके, गुड्डी, मिली, आनंद, नमक हराम जैसी फिल्में भी शामिल हैं.

5. हृषि दा इंडस्ट्री में बिमल रॉय और राज कपूर के काफी करीब थे, इसी वजह से उन्होंने अपनी फिल्म अनुपमा (1966) को बिमल रॉय और फिल्म आनद (1971) को राज कपूर को समर्पित की थी.

6. उनके के 2 बेटे (प्रदीप और संदीप) और 3 बेटियां (जयश्री ,राजश्री, सुरश्री) थी.

7. उन्‍होंने ने इंडस्ट्री के बड़े बड़े एक्टर्स जैसे दिलीप कुमार,अशोक कुमार, राज कपूर, देव आनंद, राजेश खन्ना, धर्मेन्द्र, सुनील दत्त, अमिताभ बच्चन, शर्मीला टैगोर, नूतन, सुचित्रा सेन, माला सिन्हा, जया बच्चन इत्यादि के साथ काम किया.

8. हृषि दा को साल 1999 में दादा साहेब फाल्के अवार्ड और 2001 में 'पद्म विभूषण' से सम्मानित किया गया.

9. हृषि दा ने आखिरी फिल्म 'झूठ बोले कौवा काटे' डायरेक्ट की थी, उस फिल्म के लिए हृषि दा की पहली चॉइस उनके फेवरिट अमोल पालेकर थे लेकिन उम्रदराज हो जाने के कारण उन्होंने अनिल कपूर को इस फिल्म के लिए कास्ट किया.

10. आखिरी वक्त में हृषि दा 'क्रोनिक रीनल फेलियर' से जूझ रहे थे जिसकी वजह से उन्हें मुंबई के लीलावती अस्पताल में 6 जून 2006 को एडमिट किया गया था लेकिन उसके १० हफ़्तों के बाद 27 अगस्त 2006 को हृषि दा ने सबको अलविदा कह दिया और उनकी मृत्यु हो गयी.

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