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मैं मधुबाला मधुशाला की, मैं मधुशाला की मधुबाला

आज है वैलेंटाइन डे, पूरी दुनिया 14 फरवरी को प्यार के दिन के रूप में मनाती हैं, लेकिन आज की तारीख एक और शख्सियत के लिए याद की जाती है, जिसका आज जन्मदिन हैं.

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aajtak.in
विकास वशिष्ठ नई दिल्ली, 14 February 2016
मैं मधुबाला मधुशाला की, मैं मधुशाला की मधुबाला मधुबाला

'मैं मधुबाला मधुशाला की, मैं मधुशाला की मधुबाला.' यह मिसरा हरिवंश राय बच्चन ने लिखा तो मधुशाला के लिए था. लेकिन मधुबाला पर भी उतना ही मौजूं है. गोया उनकी मौत के 47 बरस बाद भी वही शोखी उनके रुखसारों से टपक रही हो. मधुशाला बनकर. आज अपने जमाने के बाद की पीढ़ियों में भी उतनी ही मशहूर मधुबाला का आज 83वां जन्मदिन है.

वो बेमिसाल हुस्न, वो अप्रतिम सौंदर्य, वो पूरब की वीनस, वो हिंदुस्तान की मर्लिन मुनरो. वही 'नीलकमल', वही 'दुलारी', वही 'तराना', वही तरन्नुम. वो आंखें, वो पलकें, वो रौशनी, वो भौंहें. वो उठ जाएं तो सहर हो, झुक जाएं तो शब. वो तराशी हुई नाक, वो माथे पे आकर घूमे हुए गेसू. बिंदिया को चूमती वो एक लट. वो गोल चेहरा, वो छोटे-छोटे लब. और छोटी सी गर्दन से लिपटा वो मुगलिया हार. गोया मुहबब्त की यह मूरत 14 फरवरी को 14 फरवरी के लिए ही आई थी. मधुबाला नहीं हैं आज, पर हैं यहीं, हर दिल में. उतनी ही जवां. उतनी ही शोख. जैसे चीड़ों पर चांदनी. उतनी ही निर्मल. ये और बात है कि खुद उनके नसीब में प्यार बहुत टिक न पाया.

ऐसी सितमगर अदाकारा पर जब तक जिंदा रहीं, दर्द से नाता न टूटा. जीवनी भी लिखी गई तो नाम रखा गया- मधुबालाः दर्द का सफर. कामयाबी और दर्द उनके साथ चलते रहे. जानने वाले जानते हैं कि पैदा हुईं तो एक सामान्य से परिवार में. बचपन संघर्ष में बीता. नौ साल की उम्र में पहली फिल्म कर डाली. बचपना घर खर्च निकालने में लग गया. और मुमताज जहां दहलवी बॉम्बे फिल्म स्टूडियो के चक्कर लगाते-लगाते मधुबाला हो गईं. 36 साल की छोटी सी उम्र में बड़ा सा नाम कमाया. हुनर दिखाया. इश्क किया. और इतना किया कि उसी दिल का रोग लग गया.

आखिर उसी रोग ने 1969 में 36 साल पूरे होने के ठीक 9 दिन बाद 23 फरवरी को बी-टाउन से उसकी यह ए क्लास अदाकारा छीन ली. ये और बात है कि जिस मुगल-ए-आजम के लिए उन्हें सबसे ज्यादा सराहा गया, श्वेत-श्याम जमाने की इस फिल्म को रंगीन किया गया, मगर मधुबाला के हिस्से कोई अवॉर्ड न आया.

माना के 'गुजरा हुआ जमाना आता नहीं दोबारा...', पर 'जिंदगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात' भी. पर आज फिर 14 फरवरी है. फिर वही 'ठंडी हवा काली घटा आ गई झूमके..' फिर भला यह कहने में कैसी हया कि 'जब प्यार किया तो डरना क्या...'

अपनी खूबसूरती और बेमिसाल अदाकारी से बॉलीवुड में सालों तक राज करने वाली मधुबाला का जन्मदिन भी आज ही के दिन पड़ता है.

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