एडवांस्ड सर्च

Advertisement

मध्य भारत में भारी बारिश का अनुमान

चक्रवाती तूफान कोमेन की वजह अगले दो-तीन दिनों के भीतर मध्य भारत में मूसलाधार बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिम हिमालय के इलाकों में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मानसून के टकराव के असर देखने को मिल सकता है.
मध्य भारत में भारी बारिश का अनुमान बाढ़ प्रभावित इलाकों में जारी है NDRF का राहत और बचाव अभियान
aajtak.in [Edited by: हर्षिता]नई दिल्ली, 03 August 2015

चक्रवाती तूफान कोमेन की वजह अगले दो-तीन दिनों के भीतर मध्य भारत में मूसलाधार बारिश हो सकती है. वहीं पश्चिम हिमालय के इलाकों में भी वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और मानसून के टकराव के असर देखने को मिल सकता है.

रातभर सचिवालय में ममता बनर्जी ने की मीटिंग
पश्चिम बंगाल में भारी बारिश से कम से कम 50 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, एक आकलन के मुताबिक, 20 लाख हेक्टेयर जमीन पर लगे फसल पर बारिश ने पानी फेर दिया है. उत्तरी 24 परगना में एक बांध के टूट जाने से हिंगल गंज नदी का पानी पूरे इलाके में भर गया है. इलाके में राहत का काम चल रहा है. राज्य बाढ़ से पैदा हुए हालात पर नजर रखने के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद रातभर सचिवालय में मौजूद रहीं. सचिवालय में ममता की मौजूदगी से बाकी अधिकारी भी रातभर वहां रुके रहे. ममता ने राहत कार्यों का पूरा जायजा लिया. बाढ़ के चलते बर्दवान यूनिवर्सिटी में 9 अगस्त तक की सभी परीक्षाएं भी रद्द कर दी गई हैं.

झारखंड से छोड़ा गया पानी, पश्चिम बंगाल में बिगड़े हालात
झारखंड के मैथन और पंचेत डैम में भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने से पश्चिम बंगाल के बर्दमान, हावड़ा और हुगली में बाढ़ से हालात और खराब हो गए हैं. दोनों डैम से करीब 55 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया. जबकि दुर्गापुर बराज से भी 70 हजार क्यूरेक पानी रिहा किया गया है.

गुजरात के बनासकांठा में रेल सेवा प्रभावित
गुजरात में भले ही बारिश में कमी आई है लेकिन बरसात और बाढ़ से हुई बर्बादी के निशान हर ओर बिखरे हैं. राज्य के बनासकांठा में बाढ़ की वजह से रेल ट्रैक का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है. रेल की पटरी के नीचे से जमीन गायब हो चुकी है. इसकी वजह से रूट पर यातायात ठप है और एक मालगाड़ी भी दुर्घटना ग्रस्त हो गई है.

मणिपुर में काबू में हालात
बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से मणिपुर में हालात अभी भी सामान्य नहीं हुए हैं. हालांकि राहत के लिए चंदेल जिले में एनडीआरआफ की दो टीमें मौजूद हैं. कई जिलों में अभी भी बाढ़ का पानी घुसा हुआ है. हालांकि लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिया गया है.

राजस्थान में पटरी पर लौट रही जिंदगी
राजस्थान में बारिश और बाढ़ के प्रकोप से अब हालात धीरे धीरे सामान्य हो रहे हैं. एनडीआरएफ की आठ टीमें राजस्थान में राहत कार्यों में जुटी हैं. बाड़मेर की लूनी नदी में पानी की धारा में गायब हुए बच्चों को तलाश करने की कोशिश लगातार जारी है. अभी तक एनडीआरएफ को सिर्फ एक बच्चे की ही बॉडी मिल पाई है. राज्य में अबतक 512 लोगों को बाढ़ से बचाया जा चुका है.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay