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मंथन: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- राहुल गांधी के तेवर से कांग्रेस को मिली नई जान

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि राहुल गांधी अवकाश से वापस आने के बाद पूरे देश का दौरा कर रहे हैं. वह मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. उनके इस तेवर से कांग्रेस में नई जान आई है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद हमने आत्मचिंतन किया. सिंधिया आजतक के 'मंथन' प्रोग्राम में बोल रहे थे.

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मुकेश कुमार गजेंद्रनई दिल्ली, 21 May 2015
मंथन: ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा- राहुल गांधी के तेवर से कांग्रेस को मिली नई जान कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया

कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि राहुल गांधी अवकाश से वापस आने के बाद पूरे देश का दौरा कर रहे हैं. वह मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं. उनके इस तेवर से कांग्रेस में नई जान आई है. लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार के बाद हमने आत्मचिंतन किया. सिंधिया आजतक के 'मंथन' प्रोग्राम में बोल रहे थे.

कांग्रेस में परिवारवाद के सवाल पर ज्योतिरादित्य ने कहा, 'पिछले 14 साल से मैं इस सवाल का अलग अलग तरीक़े से सामना कर रहा हूं. यहां मैं ये बात साफ़ कर देना चाहूंगा कि चुनाव में जीत कभी परिवारवाद से नहीं होती. हमेशा नेता के कामकाज का रिकॉर्ड ही उसकी जीत या हार का फ़ैसला करता है. रही बात राहुल गांधी के नेतृत्व की तो उनमें क्षमता है. अपनी क्षमता के दम पर ही वो कांग्रेस के उपाध्यक्ष हैं.'
 
इस सवाल पर कि राहुल गांधी कहीं कांग्रेस के लिये रोड़ा तो नहीं? जवाब में सिंधिया ने कहा कि ऐसा क़त्तई नहीं है. राहुल इस वक़्त काफ़ी जोश के साथ कांग्रेस के मुहिम को  देश में लेकर चल रहे हैं. उनके जोश से पार्टी में भी एक नई जान आई है. राहुल ने पिछले 13 सालों में आजतक लालबत्ती की गाड़ी की इस्तेमाल नहीं किया और ना ही उन्हें किसी कुर्सी की लालच है. राहुल गांधी एक भरोसेमंद नेता हैं.
 
राहुल गांधी क्या देखकर भाषण देते हैं या कोई बात किसी से लिखवा कर ही बोलते हैं? इस पर सिंधिया ने कहा कि राहुल गांधी दिल से भाषण देते हैं. कभी कोई कागज या पर्ची देखकर नहीं बोलते. पंजाब गए वहां से आने के बाद वहां के किसानों से जुड़े मुद्दे उठाए. उनसे पार्टी को ऊर्जा और प्रेरणा मिल रही है.
 
राहुल गांधी के मोदी सरकार को सूट-बूट की सरकार पुकारे जाने वाले बयान को सही ठहराते हुए ज्योतिरादित्य ने कहा कि मोदी सरकार ने वादे के मुताबिक़ किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य नहीं दिया. किसानों को खाद की जगह लाठियां मिलीं. मोदी सरकार किसानों की ज़मीन हड़पने के फ़िराक़ में है. यूपीए सरकार ने किसानों को 72 हज़ार करोड़ ऋण की माफ़ी दी थी. किसानों को उनके हक़ का मुआवज़ा नहीं मिल रहा.
 

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