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मंथन: हमें राहुल गांधी की तरह नाटक करने की जरूरत नहीं है: किरण रिजिजू

'आज तक' के मंथन के 11वें सत्र में मुद्दा था- एक साल, युवा मंत्रियों ने किया क्या कमाल? इस पर मोदी सरकार के युवा मंत्री बाबुल सुप्रियो, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, किरण रिजिजू और कांग्रेसी सांसद सचिन पायलट ने अपने विचार रखे. आज तक की एंकर श्वेता सिंह ने सभी युवा मंत्र‍ियों से अपने एक साल का एक खास काम बताने के लिए कहा.

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aajtak.in [Edited By: रोहित गुप्ता]नई दिल्ली, 22 May 2015
मंथन: हमें राहुल गांधी की तरह नाटक करने की जरूरत नहीं है: किरण रिजिजू बाबुल सुप्रियो, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, किरण रिजिजू और कांग्रेसी सांसद सचिन पायलट

'आज तक' के मंथन के 11वें सत्र में मुद्दा था- एक साल, युवा मंत्रियों ने किया क्या कमाल? इस पर मोदी सरकार के युवा मंत्री बाबुल सुप्रियो, राज्यवर्धन सिंह राठौड़, किरण रिजिजू और कांग्रेसी सांसद सचिन पायलट ने अपने विचार रखे. आज तक की एंकर श्वेता सिंह ने सभी युवा मंत्र‍ियों से अपने एक साल का एक खास काम बताने के लिए कहा.

राज्यवर्धन सिंह राठौड़
सूचना प्रसारण मंत्रालय का काम होता है सूचना का प्रसारण. जिस तरह हमने बजट की कवरेज लोगों तक पहुंचाई, वह लोगों के लिए काफी सरल था. हम एफएम चैनलों की ई-नीलामी के लिए आगे बढ़े. जबकि पिछली सरकार इस पर फैसला लेने से घबराती थी. हम एक साल के अंदर दिल्ली-जयपुर हाईवे को पूरी तरह बदल देंगे.

किरण रिजि‍जू
अपने मंत्रालय के माध्यम से मैं अरुणाचल प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर का काम एक साल में बहुत किया है और मैं अपने आप से खुश हूं कि यह मौका मुझे मिला है. मंत्री के रूप में मैंने पिछले एक साल में दिल लगाकर काम किया है और कोई चूक नहीं हुई है. मैं खुद को नंबर नहीं दूंगा, लेकिन मैंने अपना पूरा दायित्व निभाया है.

बाबुल सुप्रियो
पिछली सरकार के कार्यकाल में हर चीज में भ्रष्टाचार दिखाई देता था. पिछले एक साल में एनडीए सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं है. हमारे विभाग में भी भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा, जो बहुत बड़ी उपलब्‍धि‍ है. हमारे पीएम सुबह चार बजे उठकर काम करते हैं और दिनभर काम करते रहते हैं.

सचिन पायलट
एक साल के अंदर बहुत कुछ किया जा सकता था, लेकिन हुआ नहीं. आज भी मूंग की दाल 100 रुपये किलो बिक रही है. गांव में रहने वाले किसानों को सरकार के दो बजट में कुछ नहीं मिला. सिर्फ कॉरपोरेट को फायदा हुआ. कालेधन की वापसी और 15 लाख रुपये हर खाते में देने को सरकार ने जुमला बताकर भूला दिया. मेनिफेस्टो में जो कहा था और जो किया, दोनों में बहुत अंतर है.

लैंड बिल
बाबुल सुप्रियो ने कहा कि राहुल गांधी देश के किसानों को आप कन्फ्यूज कर रहे हैं. राहुल गांधी कभी ठोस डिबेट नहीं करते. वो कोई ठोस बात नहीं रहे, तर्क नहीं दे रहे, सिर्फ भूमि बिल का विरोध कर रहे हैं.

राहुल गांधी की तरह नाटक करने की जरूरत नहीं
किरण रिजिजू ने कहा, 'नरेंद्र मोदी और बीजेपी के बाकी नेता गरीबों की समस्याओं को पहले ही महसूस करते आए हैं. हमें गरीबों की झोपड़ियों में राहुल गांधी की तरह जाकर नाटक करने की जरूरत नहीं है.'

मोदी की विदेश यात्राओं पर सवाल क्यों
राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कांग्रेस और विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए कहा, 'हमारे प्रधानमंत्री जब बाहर जाते हैं तो ये लोग सवाल उठाते हैं, जबकि इनके प्रधानमंत्री भी उतना ही बाहर जाते थे. फर्क यह है कि इनके प्रधानमंत्री न यहां बोलते थे और न बाहर बोलते थे.'


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