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डिप्रेशन, एजिंग इफेक्ट की छुट्टी कर देता है लद्दाख का 'सोलो' फूल

aajtak.in
09 August 2019
डिप्रेशन, एजिंग इफेक्ट की छुट्टी कर देता है लद्दाख का 'सोलो' फूल
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जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद गुरुवार को पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित किया. इस दौरान पीएम ने लेह-लद्दाख को पवित्र धरती बताते हुए यहां पैदा होने वाली एक संजीवनी 'सोलो' फूल का भी जिक्र किया. दरअसल, 'सोलो' का असली नाम रोडिओला है. जिसे लद्दाख में स्थानीय लोग सोलो के नाम से जानते हैं. यह पौधा एक प्रकार से ऐसी बूटी है जो ठंडे और ऊंचे वातावरण में पाई जाती है.
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लेह स्थित डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ हाई एलटीट्यूड रिसर्च (डिहार) ने इस औषधि की खोज की थी.इस पौधे के बारे में वैज्ञानिक दावा कर चुके हैं कि यह ऐसी औषधि के रूप में काम करता है जो रोग प्रतिरोधी तंत्र को नियमित करता है और शरीर को पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढलने में मदद करता है.आइए जानते हैं कैसे 'सोलो' फूल आपकी खूबसूरती के साथ आपके तनाव की भी छुट्टी करने का दम रखता है.  

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बढ़ती उम्र को रोकने में कारगर-
डिहार के औषधीय संयंत्र में इस पौधे के गुणों की जांच करने वाले सुनील होता की मानें तो यह जादुई पौधा बढ़ती उम्र के इफेक्ट को भी रोकने में काफी कारगर है. यह ऑक्सीजन की कमी होने पर न्यूरॉन्स की रक्षा करता है.
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रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है-
यह पौधा रेडियोएक्टिविटी से बचाता है. इसके औषधीय गुण रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ शरीर को पर्वतीय परिस्थितियों के अनुरूप ढालने में भी मदद करते हैं. स्थानीय लोग इस पौधे की पत्तियों का उपयोग सब्जी के रूप में करते हैं. इतना ही नहीं यह सियाचिन जैसी कठिन परिस्थितियों में तैनात सैनिकों के लिए बहुत उपयोगी होता है.


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डायबिटीज को करता है कंट्रोल-
मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जो तब होती है जब आपके शरीर में इंसुलिन बनना कम हो जाता है. जिसकी वजह से व्यक्ति डायबिटीज का शिकार बनता है. लेकिन पशुओं पर किए गए एक शोध में पता चला है कि रोडिओला नाम का ये फूल मधुमेह नियंत्रण करने में भी मदद करता है.
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ब्रेन फंक्शन को करता है बेहतर-
दिमाग की अच्छी सेहत के लिए व्यायाम, उचित पोषण और रात की अच्छी नींद बेहद जरूरी है. लेकिन इन सबके अलावा कुछ ऐसे पूरक आहार भी हैं जिनकी मदद से आप अपने ब्रेन फंक्शन को बेहतर बना सकते हैं. ऐसे ही पूरक आहार में रोडिओला का नाम शामिल है. एक अध्ययन के दौरान नाइट शिफ्ट करने वाले 56 डॉक्टरों की मानसिक स्थिति पर एक परीक्षण किया गया. इस परीक्षण में भाग लेने वाले डॉक्टरों को  20 दिन तक रोडिओला की खुराक दी गई. जिसके बाद उनकी मानसिक थकान, नींद में काफी सुधार देखा गया.
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कब करें सोलो का सेवन-
बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए रोडिओला का सेवन खाली पेट करना चाहिए. इसका सेवन करते समय इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि इसमें मौजूद उत्तेजक प्रभाव की वजह से इसका सेवन कभी भी सोने से पहले नहीं करना चाहिए.
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कितना करें सेवन-
तनाव, थकान या अवसाद ठीक करने के लिए 400-600 मिलीग्राम रोडिओला का प्रति दिन सेवन करना चाहिए. इसके अलावा व्यायाम से एक या दो घंटे पहले 200-300 मिलीग्राम लेने से फायदा होगा.
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