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भ्रष्टाचार के आरोपी चव्हाण, कलमाडी को कांग्रेस ने बाहर का रास्ता दिखाया

भ्रष्टाचार के आरोपों पर गंभीर रूख अपनाते हुए कांग्रेस ने अशोक चव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से और कलमाड़ी को कांग्रेस संसदीय दल के सचिव के पद से हटाकर गिरती साख को थामने का प्रयास किया.

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aajtak.in
मनजीत सहगल नई दिल्ली, 09 November 2010
भ्रष्टाचार के आरोपी चव्हाण, कलमाडी को कांग्रेस ने बाहर का रास्ता दिखाया

भ्रष्टाचार के आरोपों पर गंभीर रूख अपनाते हुए कांग्रेस आला कमान ने अशोक चव्हाण को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से और सुरेश कलमाड़ी को कांग्रेस संसदीय दल के सचिव के पद से हटाकर पार्टी की गिरती साख को थामने का प्रयास किया.

संसद का शीतकालीन अधिवेशन शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने ऐलान किया कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चव्हाण से पद छोड़ने को कहा है. विपक्षी दलों ने इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल को संसद में घेरने की जबर्दस्त तैयारी की थी.

उन्होंने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘उनका (चव्हाण का) इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है. उनसे कहा गया है कि वह राज्यपाल (के शंकरनारायणन) को अपना इस्तीफा सौंप दें.’ द्विवेदी ने यह ऐलान भी किया कि कांग्रेस संसदीय दल के सचिव के रूप में सुरेश कलमाड़ी का इस्तीफा भी तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है. कलमाड़ी राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद आलोचनाओं में घिरे थे.

इससे पहले कलमाडी को इस्तीफा देने के लिए कहा गया था. वह पुणे से पार्टी के लोकसभा सदस्य हैं. पिछले महीने राजधानी में संपन्न राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों में कलमाडी की भूमिका संदिग्ध है.

कोलाबा की विवादित आदर्श हाउसिंग सोसायटी में चव्हाण के तीन रिश्तेदारों के फ्लैट होने का खुलासा होने के बाद चव्हाण से इस्तीफा लेने का फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत की तीन दिन की यात्रा समाप्त करके जाने के कुछ ही मिनट के भीतर लिया गया. शनिवार को ओबामा के मुंबई पहुंचने पर चव्हाण ने ही उनकी अगवानी की थी.

दरअसल पार्टी नहीं चाहती थी कि चव्हाण के इस्तीफे का ओबामा की यात्रा पर कोई असर पड़े. 51 वर्षीय चव्हाण ने 30 अक्तूबर को सोनिया गांधी से मुलाकात के दौरान इस्तीफा देने की पेशकश की थी.

सोनिया ने इस मामले में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी और रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी की रिपोर्ट आने से पहले ही चव्हाण को हटाने का फैसला किया. मुखर्जी और एंटनी मुंबई में हैं और वह वहां केन्द्रीय प्रेक्षकों के तौर पर कांग्रेस विधायक दल की बैठक में हिस्सा लेंगे.

द्विवेदी की घोषणा के फौरन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि सरकार विपक्षी दलों के साथ तमाम मामलों पर विचार विमर्श करने को तैयार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद का शीतकालीन सत्र शांतिपूर्ण और उपयोगी होगा.

संसद भवन में प्रधानमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, ‘आप सबका स्वागत है. हम इस सत्र के प्रति आशान्वित हैं और हमें उम्मीद है कि यह सत्र शांतिपूर्ण और उपयोगी होगा.’ दरअसल भाजपा नीत राजग ने ऐलान किया था कि जब तक इस मामले में कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की जाती वह संसद का कामकाज चलने नहीं देगा.

राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की तैयारियों में भारी पैमाने पर भ्रष्टाचार की खबरें आने के बाद कलमाड़ी पर पिछले कुछ समय से राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति से इस्तीफा देने के लिए विपक्षी दलों का भारी दबाव था, लेकिन वह पद छोड़ने से लगातार इंकार कर रहे थे.

पिछले महीने खेलों के आयोजन के बाद कांग्रेस ने कलमाड़ी को उनके हाल पर छोड़ दिया था. पार्टी उन्हें और राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन से जुड़े उनके अन्य साथियों को क्लीन चिट देने से बच रही थी. नई दिल्ली में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अधिवेशन के एक सप्ताह बाद पार्टी ने इन दोनो नेताओं के भाग्य का फैसला कर दिया. यह दोनो भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे होने के कारण विपक्षी दलों और मीडिया के निशाने पर थे.

कांग्रेस इस मामले पर विपक्षी दलों की और प्रताड़ना झेलने को तैयार नहीं थी. विपक्षी दलों ने ऐलान किया था कि वह इन घोटालों से जुड़े तमाम मसले संसद में उठाएंगे.

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