एडवांस्ड सर्च

राजा की गिरफ्तारी पूरी तरह दिखावाः जयललिता

अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की गिरफ्तारी पूरी तरह नाटक है और कांग्रेस सरकार इसका इस्तेमाल आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक से सीट बंटवारे की बातचीत में बेहतर समझौते के लिए दबाव की नीति के तौर पर कर सकती है.

Advertisement
भाषाचेन्नई, 03 February 2011
राजा की गिरफ्तारी पूरी तरह दिखावाः जयललिता पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा

अन्नाद्रमुक प्रमुख जयललिता ने कहा कि 2जी स्पेक्ट्रम मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा की गिरफ्तारी पूरी तरह नाटक है और कांग्रेस सरकार इसका इस्तेमाल आने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में द्रमुक से सीट बंटवारे की बातचीत में बेहतर समझौते के लिए दबाव की नीति के तौर पर कर सकती है.

गिरफ्तारी को ‘बहुत कम और बहुत देरी से’ उठाया गया कदम करार देते हुए जयललिता ने कहा कि उनका यह भी मानना है कि सीबीआई और कांग्रेस नीत संप्रग सरकार दोनों ही यह धारणा बनाने का प्रयास कर रहीं हैं कि वे इस मुद्दे पर कानून के मुताबिक कार्रवाई कर रहीं हैं.

उन्होंने यहां एक बयान में कहा, ‘अंतिम विश्लेषण में मैं तभी संतुष्ट रहूंगी यदि संप्रग सरकार घोटाले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति बनाने की विपक्ष की मांग को मान लेती है.’ जयललिता ने कहा कि गिरफ्तारी ने जवाब के बदले सवाल ज्यादा पैदा कर दिये हैं तथा यह पूरी तरह से राजनीतिक निर्णय है जो तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर किया गया है.

उन्होंने मुख्यमंत्री एम करूणानिधि के घोटाले में कथित रूप से शामिल करीबी परिजनों सहित अन्य की गिरफ्तारी की मांग की. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी राजा की गिरफ्तारी के बावजूद संयुक्त संसदीय समिति गठित करने की अपनी मांग नहीं छोड़ेगी.

यह पूछे जाने पर कि क्या राजा की गिरफ्तारी का करूणानिधि की दो दिन पहले की गई दिल्ली यात्रा में कांग्रेस और द्रमुक के बीच के आपसी गठबंधन को और मजबूती देने से कोई लेनादेना है, जयललिता ने कहा कि सारी चीजें ‘काफी कृत्रिम और बेहद संदिग्ध’ नजर आ रही हैं.’

अन्नाद्रमुक प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह कदम तीन साल बाद उठाया गया है. उन्होंने कहा, ‘सरकार को तीन साल पहले, कम से कम दो साल पहले या एक साल पहले गिरफ्तारी करनी चाहिए थी अथवा उस समय गिरफ्तारी कर ली जानी चाहिए थी जब उच्चतम न्यायालय ने पूछा था कि राजा को क्यों गिरफ्तार नहीं किया गया.’

उन्होंने कहा, ‘सरकार ने स्वयं विरोधाभास उत्पन्न किया है. कैग ने कहा है कि स्पेक्ट्रम आवंटन के कारण 1.76 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ.’

जयललिता ने कहा, ‘लेकिन दूरसंचार मंत्री कपिल सिब्बल, जिनके बारे मैं यह मानती हूं कि वह सरकार की तरफ से बोले, उन्होंने दावा किया कि राजा ने सरकारी खजाने को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया और उन्होंने शून्य हानि तक की दलील दे डाली. लेकिन यदि ऐसी ही बात है तो सरकार के एक अन्य अंग सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार क्यों किया. यदि राजा ने कुछ भी गलत नहीं किया तो उन्हें क्यों गिरफ्तार किया गया.’

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें. डाउनलोड करें
Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay