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जारवा आदिवासी शोषण मामले पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

अंडमान निकोबार द्वीप प्रशासन ने जारवा आदिवासी महिलाओं को पर्यटकों के सामने कथित रूप से नृत्य करने के लिए बाध्य करने के मामले में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि यह स्पष्ट है कि जिस समय यह वीडियो रिकार्ड किया गया है, उस समय अधिकतर जारवा आदिवासी वस्त्र नहीं पहनते थे. लेकिन आदिवासियों को नृत्य के लिए उकसाने वाले वीडियोग्राफर ने कानून तोड़ा है इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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aajtak.in
भाषानई दिल्ली, 11 January 2012
जारवा आदिवासी शोषण मामले पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट

अंडमान निकोबार द्वीप प्रशासन ने जारवा आदिवासी महिलाओं को पर्यटकों के सामने कथित रूप से नृत्य करने के लिए बाध्य करने के मामले में केन्द्रीय गृह मंत्रालय को भेजी रिपोर्ट में कहा है कि यह स्पष्ट है कि जिस समय यह वीडियो रिकार्ड किया गया है, उस समय अधिकतर जारवा आदिवासी वस्त्र नहीं पहनते थे.

लेकिन आदिवासियों को नृत्य के लिए उकसाने वाले वीडियोग्राफर ने कानून तोड़ा है इसलिए उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. मंत्रालय को भेजी आरंभिक रिपोर्ट में अंडमान निकोबार प्रशासन ने कहा, ‘आज भी जंगलों में रहने वाले जारवा आदिवासी वस्त्र नहीं पहनते हैं.’

रिपोर्ट में कहा गया कि यह बात स्वाभाविक है कि उस वीडियोग्राफर ने कानून तोड़ा है, जिसने आदिवासियों को नृत्य के लिए उकसाया. उधर गृह मंत्री पी चिदंबरम 21 और 22 जनवरी को द्वीप के दौरे पर जा रहे हैं और इस दौरान वह वहां के अधिकारियों को संभवत: निर्देश देंगे कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के उपाय सुनिश्चित किये जाएं.

आदिवासी मामलों के मंत्री वी किशोर चंद्र देव ने कहा कि इस प्रकरण के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाएगी. ‘हम वीडियो क्लिप हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं. गृह मंत्रालय इसे तकनीकी जांच के लिए भेजेगा ताकि पता लग सके कि यह वीडियो कितना पुराना है.’

विकास कार्यों’ की समीक्षा के लिए अंडमान निकोबार जा रहे चिदंबरम की स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान जारवा आदिवासी महिलाओं के कथित उत्पीडन का मुद्दा उठने की संभावना है और गृह मंत्री इस तरह की घटनाओं की भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के उपाय सुनिश्चित करने का निर्देश दे सकते हैं. अंडमान निकोबार प्रशासन का कहना है कि आदिवासियों को नृत्य के लिए उकसाने वाले वीडियोग्राफर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

अंडमान पुलिस द्वीप में तैनात सैन्य बलों की मदद से उस व्यक्ति की पहचान करने की कोशिश कर रही है, जो वीडियो में पुलिस की वर्दी में नजर आ रहा है. इस संबंध में खबर देने वाले लंदन के अखबार आब्जर्वर से कहा गया है कि वह वीडियोग्राफर का नाम बताये ताकि उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके.

मंत्रालय ने अंडमान निकोबार प्रशासन से इस संबंध में जवाबतलब किया है और पूरे मामले पर विस्तृत रिपोर्ट भेजने का निर्देश दिया है. मीडिया में ऐसी खबरें आयीं हैं कि जारवा आदिवासी महिलाओं को पर्यटकों के सामने जबरन नृत्य करने को कहा गया. अधिकारी ने बताया कि अंडमान निकोबार प्रशासन को यह पता लगाने का निर्देश दिया गया है कि वीडियो कब बनाया गया, आदिवासी कैसे बाहरी व्यक्तियों के संपर्क में आये जबकि जारवा आदिवासी किसी से घुलते मिलते नहीं हैं.

साथ ही यह पता लगाने के लिए भी कहा गया है कि उनके उत्पीडन के जिम्मेदार लोग कौन हैं. संघशासित क्षेत्र होने के नाते अंडमान निकोबार प्रशासन सीधे केन्द्रीय गृह मंत्रालय को रिपोर्ट करता है. प्रशासन ने इस संबंध में आयी मीडिया खबरों को निहायत ही गैर जिम्मेदाराना खबरें करार देते हुए कहा है कि यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो क्लिप किस वर्ष बनायी गयी.

किशोर चंद्र देव ने बताया कि इस मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं और जांच कार्य का नेतृत्व अंडमान निकोबार के मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक कर रहे हैं. ‘वे गृह मंत्रालय को रिपोर्ट कर रहे हैं और आदिवासी मामलों के मंत्रालय के भी संपर्क में हैं.’

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