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विपक्ष का वाकआउट ‘अत्यंत दुखद’: संप्रग

केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग ने शुक्रवार को लोकसभा में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के बजट भाषण के दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की घोषणा को लेकर विपक्ष के सदन से वाकआउट को ‘अत्यंत दुखद’ बताते हुए इसे राजनीतिक ‘दीवालियापन’ करार दिया.

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भाषानई दिल्ली, 26 February 2010
विपक्ष का वाकआउट ‘अत्यंत दुखद’: संप्रग

केन्द्र में सत्तारूढ़ संप्रग ने शुक्रवार को लोकसभा में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी के बजट भाषण के दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी की घोषणा को लेकर विपक्ष के सदन से वाकआउट को ‘अत्यंत दुखद’ बताते हुए इसे राजनीतिक ‘दीवालियापन’ करार दिया.

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सलमान खुर्शीद ने संवाददाताओं से बातचीत में बजट के खिलाफ विपक्ष के सदन से बहिर्गमन पर कहा ‘यह अत्यंत दुखद बात है. वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा था कि यह बजट भाषण फिलहाल एक प्रस्ताव है, अगर आप इससे इत्तेफाक नहीं रखते तो इस पर असहमति जाहिर कर सकते हैं. सदन में उस पर चर्चा की जाएगी.’

उन्होंने कहा ‘विपक्ष का रवैया भारत के संसदीय लोकतंत्र के लिये दुखद है. यह विपक्षी दलों के राजनीतिक दीवालियेपन का सुबूत है.’ मुख्य विपक्षी दल भाजपा पर निशाना साधते हुए खुर्शीद ने कहा कि सदन में इस दल का बर्ताव और एक नए युग के सूत्रपात, बदलाव तथा नए कलेवर की राजनीति की बातें लोकतंत्र के प्रति उसकी नासमझी को जाहिर करती हैं.

संप्रग के घटक दल नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने भी बजट को लेकर विपक्ष के रवैये को निहायत गैर जिम्मेदाराना करार दिया और कहा कि विपक्ष से ऐसे बर्ताव की उम्मीद कतई नहीं थी. उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया है. उधर, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने बजट को लेकर विपक्ष के लामबंद लहजे और रवैये को गलत बताया. उन्होंने कहा कि विपक्ष का बर्ताव ‘अत्यंत निंदनीय और असंवैधानिक है.’

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