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टैक्‍स में छूट, कृषि पर जोर, पेट्रोल हुआ महंगा

प्रणब के बजट से जहां आयकर दाताओं को राहत मिलेगी वहीं महंगाई बढ़ने के आसार भी हैं.

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भाषानई दिल्‍ली, 27 February 2010
टैक्‍स में छूट, कृषि पर जोर, पेट्रोल हुआ महंगा

वर्ष 2010-11 के आम बजट में वित्तमंत्री प्रणव मुखर्जी ने दायें हाथ से आयकर में भारी राहत दी तो बायें से अप्रत्यक्ष कर बढा उसे काफी कुछ वापस भी ले लिया. फिर भी शेयर बाजार से लेकर उद्योग जगत ने बजट की विकास दृष्टि को सराहा.

संसद में शुक्रवार को पेश बजट में मुखर्जी ने आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक तकाजों को कर प्रस्तावों और आवंटन से पूरा करने की कोशिश की परंतु पेट्रोल डीजल पर उत्पाद और सीमा शुल्क में वृद्धि से नाराज विपक्ष और संप्रग सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे दलों को यह महंगाई की आग में पेट्रोल डालना लगा और विरोधस्वरूप वे बीच भाषण में ही सदन से वाकआउट कर गये.

बहरहाल बजट प्रस्तावों के कारण कार, कंप्यूटर के पुर्जे, पेट्रोल, डीजल, एयरकंडीशनर, टीवी, सोना चांदी, प्लेटिनम, सिगरेट, तंबाकू उत्पाद महंगे हो जाएंगे जबकि बच्चों के खिलौने, गुब्बारे, मेंथा आयल, हींग, वाटर फिल्टर : आरओ को छोडकर, लेटेक्स रबर धागे और मोबाइल एक्सेसरीज सस्ती होंगी. सेवा कर का दायरा बढाने से बिजली, अस्पतालों में स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं महंगी हो जाएंगी. जहां आयकर की छूट अप्रैल 2010 से शुरू साल में मिलेगी, वहीं महंगा सस्ता का खेल अभी से असर दिखाएगा.

मध्यरात्रि से पेट्रोल के दाम दो रूपये 71 पैसे और डीजल के दाम दो रूपये 55 पैसे बढ़ने जा रहे हैं. उम्मीद के मुताबिक जहां खेती किसानी को राहत दी गयी है, वहीं मंदी से बाहर आते उद्योग जगत से प्रोत्साहन पैकेजों की वापसी की शुरूआत हो गयी है. आयकरदाताओं को भारी राहत प्रदान करते हुए वित्त मंत्री ने 1.60 लाख रूपये की सालाना आय की कर मुक्त सीमा में तो कोई बदलाव नहीं किया लेकिन इससे उपर पांच लाख रूपये तक की आय पर दस प्रतिशत, पांच से आठ लाख रूपये पर 20 प्रतिशत और आठ लाख रूपये से अधिक पर 30 प्रतिशत आयकर का प्रस्ताव किया. इससे महंगाई से त्रस्त वेतनभोगियों की जेब में कुछ अतिरिक्त धन बच सकेगा.

राजकोषीय घाटे पर बढते दबाव को कम करने के लिए उन्होंने गैर पेट्रोलियम पदार्थों पर उत्पाद शुल्क की मूल दर आठ से बढाकर दस प्रतिशत कर दी. सेवा कर दस प्रतिशत पर अपरिवर्तित है लेकिन इसके दायरे में आठ नयी सेवाओं को शामिल किया. मुखर्जी ने कहा कि प्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से सरकारी खजाने को जहां 20,000 करोड़ रूपये का नुकसान होगा वहीं अप्रत्यक्ष कर प्रस्तावों से 46,000 करोड़ रूपये का फायदा होगा. इस प्रकार उनके कर प्रस्तावों से 20,500 करोड़ रूपये की शुद्ध प्राप्ति होगी. वित्त मंत्री ने कुल 11 लाख आठ हजार 749 करोड़ रूपये के व्यय का बजट पेश करते हुए कहा कि इसमें योजना खर्चों में 15 प्रतिशत और गैर योजना खर्च में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है.

उन्होंने कहा कि राजकोषीय घाटे के 6.9 से घटकर 2010-11 में 5.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है. प्रणव के बजट के खिलाफ मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने जहां संसद में कटौती प्रस्ताव लाने का ऐलान किया, वहीं प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बजट को बहुत बेहतर बताया. वित्त मंत्री ने कहा कि 9 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि दर का लक्ष्य हासिल कर इसे दोहरे अंक में ले जाने की कोशिश होगी. उन्होंने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी ढांचे के विकास पर आवंटन 25 प्रतिशत बढाने का ऐलान करते हुए कहा कि ग्रामीण विकास क्षेत्र के लिए आवंटन 66,100 करोड़ रूपये होगा. इसमें मनरेगा के लिए आवंटन बढाकर 40,100 करोड़ रूपये किया जाएगा.

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ अब मनरेगा के लाभार्थियों को भी मिलेगा. सूखा क्षेत्रों में जल संचयन के लिए 300 करोड़ रूपये, ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं के लिए 100 करोड़ रूपये, भारत निर्माण के लिए 48,000 करोड़ रूपये, इंदिरा आवास योजना के लिए 10,000 करोड़ रूपये और बुंदेलखंड में सूखा प्रभावित इलाकों के लिए 1000 करोड़ रूपये का आवंटन किया गया है. मुखर्जी ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा फंड में 1000 करोड़ रूपये दिये जाएंगे.

महिला एवं बाल विकास के लिए आवंटन 50 प्रतिशत तक बढाने का प्रस्ताव है जबकि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का आवंटन 60 प्रतिशत बढाया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए 1,47,344 करोड़ रूपये का आवंटन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विधेयक का मसौदा तैयार है और इसे जल्द ही सार्वजनिक चर्चा के लिए रखा जाएगा. मुखर्जी ने बताया कि प्रत्यक्ष कर संहिता और जीएसटी दोनों अप्रैल 2011 से लागू करने की कोशिश की जाएगी. विनिवेश के बारे में उन्होंने कहा कि सरकारी कंपनियों के विनिवेश से चालू वर्ष में 25 हजार करोड़ रूपये जबकि 2010-11 में 40 हजार करोड़ रूपये जुटाने का लक्ष्य है. मुखर्जी ने कहा कि सरकार एफडीआई नीति को उपयोगकर्ताओं के अनुकूल बनायेगी.

वित्तीय स्थिरता के लिए सरकार ने एक परिषद के गठन का प्रस्ताव किया है. खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के लिए मुखर्जी ने पांच और मेगा फूड पार्क बनाने का ऐलान किया. बैंकों के विस्तार के प्रयासों के तहत उन्होंने आरबीआई द्वारा निजी क्षेत्र में कुछ अतिरिक्त बैंकिंग लाइसेंस दिये जाने पर विचार करने की बात कही. विशिष्ट पहचान पत्र योजना के लिए 1900 करोड़ रूपये का प्रस्ताव किया गया है. उन्होंने प्रौद्योगिकी सलाहकार समूह के गठन का प्रस्ताव किया, जिसके अध्यक्ष नंदन निलेकणि होंगे.

वित्त मंत्री ने कहा कि आयकर विभाग वैयक्तिक आयकरदाताओं के लिए ‘सरल-2’ फार्म की अधिसूचना जारी करने को तैयार है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष दिल्ली में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिये कई योजनाओं के तहत 2,296.43 करोड़ रूपये का बजटीय आवंटन किया गया है, जिसमें ज्यादातर राशि खेल मंत्रालय को दी जायेगी. हालांकि खेलों के लिये इस साल बजटीय आवंटन घटकर 3706 करोड़ से 3565 करोड़ रूपये रह गया जिसमें से बड़ा हिस्सा तीन से 14 अक्‍टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों को जायेगा.

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