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चीन को चार साल में पछाड सकता है भारत

आर्थिक समीक्षा में अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश करते हुए अगले चार साल में चीन को पछाडकर भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होने का सपना दिखाया गया है लेकिन इसमें घरेलू अर्थव्यवस्था पर राजकोषीय घाटे और महंगाई की काली छाया भी साफ दिखाई देती है.

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भाषानई दिल्‍ली, 26 February 2010
चीन को चार साल में पछाड सकता है भारत

आर्थिक समीक्षा में अर्थव्यवस्था की गुलाबी तस्वीर पेश करते हुए अगले चार साल में चीन को पछाडकर भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित होने का सपना दिखाया गया है लेकिन इसमें घरेलू अर्थव्यवस्था पर राजकोषीय घाटे और महंगाई की काली छाया भी साफ दिखाई देती है.

वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा आज लोकसभा में पेश 2009-10 की समीक्षा में कहा गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था हाल की विश्व व्यापी मंदी के असर से मुक्त हो कर फिर तेज गति की राह की ओर मुड़ चुकी है और अगले चार साल में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढती अर्थव्यवस्था बन सकता है.

राजकोषीय घाटे पर अंकुश लगाने के लिए प्रोत्साहन पैकेज की चरणबद्ध वापसी का सुझाव देते हुए समीक्षा में सरकारी खचरें की समीक्षा कर उन्हें उत्पाक दिशा देने, अनाज, खाद और डीजल की कीमतों को बाजार पर छोड़ने तथा जरूरत मंदों की सीधे सब्सिडी देने की जरूत पर बल दिया गया है.

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