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रक्षा सौदों में अनियमितता बर्दाश्‍त नहीं: एंटनी

रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार को लेकर रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर सौदों में कोई अनियमितता दिखती है तो सौदों को रद्द करने में नहीं हिचकेंगे.

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aajtak.in
भाषानई दिल्‍ली, 27 May 2009
रक्षा सौदों में अनियमितता बर्दाश्‍त नहीं: एंटनी

रक्षा सौदों में भ्रष्टाचार पर कठोर संदेश देते हुए रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने आज कहा कि अगर सौदों में कोई कदाचार है तो सरकार करारों को रद्द करने में नहीं हिचकेगी.

एंटनी ने रक्षा संचार पर एक गोष्ठी से इतर कहा कि कभी कभार हमने कुछ गड़बड़िया और कदाचार पाए. हम इसे नजर अंदाज नहीं कर सकते इसलिए हमने निर्ममता से महंगे आइटमों को रद्द कर दिया. रक्षा मंत्री ने कहा कि भविष्य में भी रक्षा सौदों में अगर कोई कदाचार होगा तो हम ढिलाई नहीं बरतेंगे.

रक्षा मंत्री के रुप में एंटनी के पिछले कार्यकाल के दौरान सरकार ने यूरोकाप्टर लाइट यूटिलिटी हेलीकाप्टर सौदे समेत कम से कम दो रक्षा सौदों को रद्द कर दिया था. मूल उपकरण निर्माता (ओईएम) की ओर से कदाचार के चलते येरोकाप्टर सौदा पिछले साल रद्द किया गया था.

विदेशी आपूर्तिकर्ताओं और ओईएम के साथ करार में जाने की मंशा रखने वाले भारतीय निजी उद्योगों को कठोर चेतावनी देते हुए एंटनी ने कहा कि उन्हें हमारे लोगों को रिश्वत देने की कोशिश नहीं करनी चाहिए.

एंटनी ने आगाह किया अगर वे (रिश्वत देने की) कोशिश करते हैं तो उन्हें साथ ही उनके साथ संपर्क में रहने वाले अधिकारियों और निर्माताओं को उसके नतीजे भुगतने होंगे. रक्षा मंत्री ने भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की सरकार की दृढ़ इच्छा जताते हुए कहा कि हम इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरतेंगे. हम कठोर कार्रवाई करेंगे.

इससे पहले एंटनी ने गोष्ठी का उद्घाटन करने के बाद सैन्य अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि सरकार अनियमितताओं या भ्रष्टाचार को ज्यादा बरदाश्त नहीं करेगी. रक्षा मंत्री ने कहा अतीत की तरह भविष्य में भी हम करारों को निर्ममता से रद्द करेंगे. यह कोई खुशगवार तजुर्बा नहीं है लेकिन हम इस तरह की कार्रवाइयों के लिए बाध्य होंगे.

एंटनी ने ये बातें भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के उपाध्यक्ष हरि एस. भरतिया की टिप्पणियों पर कही. उन्होंने रक्षा मंत्री से आग्रह किया था कि रक्षा उद्योग में ज्यादा निजी भागीदारी की इजाजत दी जाए.

रक्षा मंत्री ने भारत के पड़ोस में अस्थिरता का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार सशस्त्र बलों का आधुनिकीकरण करना चाहती है. एंटनी ने कहा कि भारत के पड़ोस में हालात बहुत उत्साहजनक नहीं हैं. हमें हमेशा किसी भी तरह के खतरों से निबटने के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके लिए सशस्त्र बलों को और आधुनिक उपकरण की जरुरत है.

उन्होंने खरीदारी प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा जहां हम खरीदारी की रफ्तार तेज करने के लिए संकल्पबद्ध हैं हम पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं कर सकते. एंटनी ने रक्षा उपकरणों के स्वदेशीकरण और सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं की पूर्ति के मामले में आत्मनिर्भरता पर दृढ़ता से जोर दिया.

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