एडवांस्ड सर्च

Advertisement

अमर ने किया आजम को सपा से निकालने का स्वागत

समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने वरिष्ठ नेता आजम खान को पार्टी से निष्कासित किये जाने के कदम का स्वागत किया है. कैबिनेट मंत्रियों की सूची । चुनाव परिणाम । शख्सियत । विश्‍लेषण । चुनाव पर विस्‍तृत कवरेज 
अमर ने किया आजम को सपा से निकालने का स्वागत
भाषानई दिल्‍ली, 25 May 2009

समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने वरिष्ठ नेता आजम खान को पार्टी से निष्कासित किये जाने के कदम का स्वागत करते हुए रविवार को कहा कि अगर यह फैसला पहले ही ले लिया जाता तो पार्टी को लोकसभा चुनाव में कम नुकसान होता.

खान को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते पार्टी से 6 साल के लिये निलम्बित किये जाने के बाद अमर ने संवाददाताओं से कहा 'मैं इस निर्णय का स्वागत करता हूं. अगर यह फैसला पहले ही ले लिया जाता तो अच्छा होता. पहले कार्रवाई हो जाती तो चुनाव में पार्टी को कम नुकसान होता.' इससे पहले खान ने पार्टी महासचिव संसदीय बोर्ड के सदस्य तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा में सपा के उपनेता पद से इस्तीफा दे दिया था.

खान ने भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की सपा अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव से नजदीकी बढ़ने का विरोध किया था. बाद में उन्होंने रामपुर लोकसभा सीट से जयाप्रदा को सपा उम्मीदवार बनाए जाने की भी मुखालिफत की थी जिससे उनके तथा अमर सिंह के बीच वाकयुद्ध शुरू हो गया था. अमर ने कहा कि खान को पार्टी से निकालने का निर्णय सपा के केन्द्रीय नेतृत्व का सामूहिक फैसला है और उन्हें इसकी जानकारी मीडिया के जरिये मिली.

अमर ने कहा कि सपा को नुकसान पहुंचाने की आजम की कोई हैसियत नहीं है लेकिन मुलायम सिंह द्वारा आजम को दिये गए दर्जे, शक्ति और मान्यता से पार्टी को काफी क्षति हुई. उन्होंने कहा कि केन्द्रीय नेतृत्व की नाफरमानी करना आजम के लिये कोई नई बात नहीं है लेकिन इस बार ऐसा ऐन चुनाव के वक्त हुआ. खान द्वारा लगाए गए आरोपों पर अमर ने कहा कि सपा छोड़कर जाने वाला हर व्यक्ति पार्टी नेतृत्व को नहीं बल्कि मुझे गाली देता है. मैं अपनी पार्टी के नेतृत्व की ढाल हूं.

बढ़ती तादाद में मुसलमान नेताओं के सपा छोड़ने से पार्टी के मुस्लिम जनाधार पर असर पड़ने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा 'मुझे नहीं लगता कि मुस्लिम मतदाता किसी व्यक्ति की वजह से सपा से जुड़े हैं. उन्होंने बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान मुलायम सिंह की कड़ी कार्रवाई की वजह से सपा से नाता जोड़ा था. इससे हमें मुस्लिम वोट बैंक और समर्थन जुटाने में मदद मिली.'

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay