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वारदात: चुनाव के वक्त याद आया 90 के दशक का डॉन श्रीप्रकाश शुक्ला!

शम्स ताहिर खान [Edited By: हर्षि‍ता पाण्डेय]नई दिल्ली, 15 May 2019

आखिरी चरण का चुनाव नज़दीक आते ही गोरखपुर का मामखोर गांव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गढ़ माने जाने वाले गोरखपुर में 2018 में हुए उपचुनाव में बाज़ी समाजवादी पार्टी ने मार ली थी. लिहाज़ा अब बीजेपी और योगी आदित्यनाथ पर इस सीट को बचाने का दबाव है. इसीलिए बीजेपी ने इसी माटी में जन्में भोजपुरी और हिंदी फिल्मों के सुपरस्टार रवि किशन शुक्ला को उतारा है. जिस मामखोर गांव से रवि किशन ताल्लुक रखते हैं वो शुक्ल ब्राह्मणों का गांव माना जाता है. मगर ये गांव सिर्फ रवि किशन शुक्ला के नाम से ही मशहूर नहीं है. बल्कि यूपी में नब्बे के दशक में सबसे बड़े गैंगस्टर रहे श्रीप्रकाश शुक्ला के वजह से है. ये वही श्रीप्रकाश शुक्ला जिसकी यूपी में तूती बोलती थी और वो सुर्खियों में तब आया जब उसने तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी ली थी.

As the last phase of Lok Sabha Election is few days down the line, Mamkhor village of Gorakhpur has again came to light. In the 2018 by-elections of Uttar Pradesh the Samajwadi Party took over the Gorakhpur seat which is considered as the stronghold of CM Yogiadityanath. Considering their loss in the by-elections now BJP has given the ticket of Gorakhpur to the Bhojpuri and hindi filmstar Ravi Kishan Shukla. The Mamkhor village of Ravi Kishan is known for Brahmin dominance. Not only Ravi Kishan but the gangster of 90s Shri Prakash Shukla hails from the village. Shri Prakash Shukla came into mainstream when he took contract for the killing of the former CM Kalyan Singh.

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