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वारदात: 'शेल्टर होम कांड' में 73 पन्नों की चार्जशीट

शम्स ताहिर खान [Edited By: अमित रायकवार]नई दिल्ली, 08 January 2019

वो कहते थे फेंको मत, हमें देदो  हम पालेंगे,  दुनिया ने समझा मजलूमों की मदद करने मसीहा आ गया. बेसहारा यतीमों के सिर पर हाथ रखने वाला सहारा आ गया. मगर ये नज़रों का धोखा था.  वो बेसहारा बच्चियों के सिर पर हाथ तो रखता था मगर सिर्फ अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए.  बिहार के मुजफ्फरपुर के उस शेल्टर होम या यूं कहें कि बालिका गृह की कहानी तो आपको याद होगी जो इतिहास के पन्नों में बिहार के सबसे बड़े रेप कांड के नाम से दर्ज हो चुका है.  अब उसी रेप कांड की कहानी को सीबीआई ने 73 पन्नों में कलमबंद कर अदालत को सौंप दी है. 73 पन्नों में सिमटी 34 मासूम बच्चियों की चीखों की ये चार्जशीट आज  बताएगी कि बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह का वो नंगा और खौफनाक सच था क्या?

The girls at the Muzaffarpur shelter home were drugged and raped in their sleep. They were tied to chairs and sexually abused. The girls were made to dance to vulgar Bhojpuri songs and were routinely beaten, sometimes with sticks. Some of the girls were even murdered. And, all their cries for help fell on deaf ears. These are some of the horrifying details revealed by the Central Bureau of Investigation with regards to the goings on at a shelter home for young girls in Muzaffarpur district of Bihar. Watch this video for more details.

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