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संजय सिन्हा की कहानी: मेरे संस्कार

तेज ब्यूरोनई दिल्ली, 07 September 2019

अपनी जान-पहचान वाली एक भाभी ने फोन किया कि संजय जी, आपके पास तो ख़बर पहुचं ही गई होगी. भाभी कभी-कभी फोन करके देवर होने के मेरे अहसास को ज़िंदा रखती हैं, इसलिए मैंने कह दिया कि मैं खुद खबरची हूं, मेरे पास भला ख़बर कैसे नहीं पहुंचेगी? भाभी का संजीदा स्वर फोन पर धीरे से गूंजा. संजय जी, आपसे एक अनुरोध है कि अगर आप इस पर कहानी लिखेंगे तो प्लीज़ मेरा नाम मत किसी को बताइएगा. देखें संजय सिन्हा की कहानी, मेरे संस्कार.

Everyday Sanjay Sinha brings amazing stories to you. Today, Sanjay Sinha has brought story from his personal life experince. He named this story-Mere Sanskar. To know what is special about the story, watch video.

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