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संजय दत्त का दर्द छलका, कहा नहीं हूं खलनायक | संजय दत्त का सफर

आज तक ब्यूरोनई दिल्ली, 22 March 2013

अपने ऐक्शन से संयज दत्त ने रुपहले पर्दे के तेवर बदल कर रख दिये. लेकिन अपने इसी अंदाज़ को जब उन्होंने असल ज़िन्दगी में अपनाना चाहा तो हालात ने स्कैंडल की शक्ल ले ली. शायद संजू बाबा भूल गए कि रुपहले पर्दे पर कहानी के ताने बाने भले ही डायरेक्टर बुनता हो. असल ज़िन्दगी में क़ानून तय करता है गुनाह की कहानी का अंजाम और मुन्ना भाई जब तक ये समझ पाते क़ानून ने अपना फ़ैसला सुना दिया.

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