एडवांस्ड सर्च

Advertisement

रिश्‍वतखोरी के इस माहौल में आज गांधी जी क्‍या सोचते

आज तक ब्‍यूरोनई दिल्‍ली, 16 March 2014

देशभर में हर सरकारी काम के लिए जिस तरह से रिश्‍वत का धंधा जोरों पर है उससे किसी भी शरीफ व्‍यक्ति का सरकारी तंत्र से विश्‍वास उठना कोई बड़ी बात नहीं है. जरा सोचें अगर आज गांधी जी जिंदा होते तो वे ऐसे हालात में क्‍या सोचते और क्‍या करते.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay