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खबरदार: आरक्षण पर '56 इंच का सीना' या 'चुनावी स्टंट'?

aajtak.in [Edited By: अमित रायकवार]नई दिल्ली, 07 January 2019

आरक्षण को लेकर भारत सरकार की नीति पर अभी की स्थिति ये है कि सरकारी सेवाओं और शिक्षा संस्थानों में, यानी सरकारी नौकरियों और कॉलेज एडमिशन में  कुल सीटों में 15 फीसदी सिर्फ और सिर्फ अनुसूचित जाति के लोगों के लिए होती हैं. इसके अलावा साढ़े सात फीसदी सीटें सिर्फ और
सिर्फ अनुसूचित जनजाति में आने वाले लोगों के लिए होती हैं,  27 फीसदी सीटें सिर्फ और सिर्फ अन्य पिछड़ा वर्ग यानी ओबीसी  में आने वाले लोगों के लिए होती हैं. ये कुल मिलाकर 49.5 फीसदी होता है, बाकी 50.5 फीसदी सीटों में सभी वर्गों की दावेदारी होती है.

The government has announced a 10 per cent reservation for economically backward upper castes in government jobs on Monday. At present, nearly 15 per cent seats in government services and educational institutions have already been reserved for Scheduled Castes only. In this scenario, it will be a topic of discussion of how upper caste reservation will help the urban poor. Is the upper caste reservation a poll gimmick or it will genuinely help the people. Watch this video to know more details.

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