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बीजेपी और टीएमसी के लिए ऐसे ही नहीं साख का सवाल बन गया है पश्चिम बंगाल

सईद अंसारी [Edited By: पुनीत सैनी] 07 May 2019

जब सत्ता लक्ष्य बन जाए. और जब जीतना जरूरी हो जाए तो नैतिकता और शालीनता सबसे पहले दम तोड़ती है. अंत की ओर बढ़ते चुनाव में पश्चिम बंगाल में खुलते हुए मोर्चे यही कहानी कह रहे हैं. ये मोर्चा सीधे-सीधे पीएम मोदी और सीएम ममता के बीच है. दोनों का संयम रोज टूट रहा है. पहले देखिए बंगाल जीतने के लिए बीजेपी की बेचैनी के कारण क्या हैं. हुत सीधी राजनीति है. बीजेपी यूपी की संभावित नुकसान की भरपाई के लिए बहुत हद तक बंगाल पर निर्भर हो गई है. और ममता ने इसे बचाने के लिए अखाड़े में ताल ठोककर उतर गई हैं. इसमें बीजेपी के लिए जो परेशानी की बात है वो ये कि बंगाल की जादूगरनी ममता हैं. मोदी नहीं. बंगाल में न तो 2014 में मोदी का जादू चला न ही 2016 में.

West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee got angry at a group of purported BJP supporters shouting Jai Shree Ram in front of her convoy in West Midnapore districts Chandrakona. Narendra Modi and Amit Shah also raised slogan Jai Shree Ram in election rally.

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