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दंगल: अलीगढ़ मामले पर 'झूठ' का रफू क्यों लगा रही थी पुलिस?

रोहित सरदाना [Edited By: स्वयं प्रकाश निरंजन]नई दिल्ली, 07 June 2019

अलीगढ़ में ढाई साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या के मामले में यूपी की पुलिस सवालों के घेरे में है. 30 मई को अलीगढ़ के टप्पल में ये बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी. 2 जून को पुलिस को टप्पल में ही एक कूड़े के ढेर में इस बच्ची का शव मिला. परिवार वालों की तरफ से लगातार दबाव के बावजूद आरोप है कि पुलिस मामले में टाल मटोल करती रही. पुलिस कुछ और कहती रही, पोस्टमार्टम रिपोर्ट कुछ और. पुलिस ने कहा रेप नहीं हुआ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कहा बच्ची का शरीर इस लायक ही नहीं बचा था कि बलात्कार जैसे अपराध की जांच की जा सके. दरिंदगी की कहानी के सुबूत ले कर परिवार वाले, गांव वाले सड़कों पर बैठे रहे तब जा कर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया.

Amid massive public outrage over the brutal rape of a two-and-a-half-year-old girl in Aligarh, Uttar Pradesh Police has constituted an SIT to investigate the case. Police have also said that they will slap the stringent National Security Act (NSA) on the accused for the murder that has triggered massive protests on social media. However the CMO denies the rape with girl on the basis of postmortem report. Five policemen have also been suspended. The mutilated body of the minor girl was found in a garbage dump in Aligarh with an initial probe indicating that the killing was fallout of a monetary dispute. Police have arrested two persons - Zahid and Aslam - on the basis of the complaint of the father of victim.

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