एडवांस्ड सर्च

Advertisement

दंगल: रमजान के महीने में मतदान से क्या फर्क पड़ेगा ?

रोहित सरदाना [Edited By: अमित रायकवार]नई दिल्ली, 11 March 2019

चुनाव का बिगुल बज गया है और दंगल की बहस चुनाव के कार्यक्रम पर हो रही सियासत पर है. चुनाव के आखिरी तीन चरण यानी 6 मई से 19 मई के बीच होने वाले चुनाव के दौरान रमजान पड़ सकता है. इसी को लेकर ममता और केजरीवाल की पार्टी के लोग सवाल उठा रहे हैं कि मुसलमानों को दिक्कत होगी. हालांकि अक्सर मुसलमानों की बातों को आगे रखने वाले असदुद्दीन ओवैसी कह रहे हैं कि ये तो और अच्छा है क्योंकि रमजान फर्ज निभाने का महीना होता है. उधर लंबे चुनाव कार्यक्रम, खासकर यूपी, बिहार और बंगाल में सभी सात चरणों में चुनाव होने पर सवाल उठे हैं. सवाल एनसी और पीडीपी ने भी ये कहकर उठाया है कि संसदीय चुनाव के साथ जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनाव क्यों नहीं कराए जा रहे.

With Election Commission of India announcing dates for the Lok Sabha elections starting April 11 till May 19, some political leaders have raised questions on the timings of the last three phases of the polls. In the seven phase elections, three phases will be held in the month of Ramzan. While Mamata Banerjee and Arvind Kejriwal say that Muslims will face inconvenience in coming out to vote while they would be fasting, Asaduddin Owaisi has a different opinion. Know what our panellists have to say on this.

Advertisement
Advertisement

संबंधित खबरें

Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay