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चाल चक्र: क्या है रक्षाबंधन का पौराणिक और धार्मिक महत्व?

चाल चक्र: क्या है रक्षाबंधन का पौराणिक और धार्मिक महत्व?
तेज ब्यूरोनई दिल्ली, 14 August 2019

चाल चक्र में आज हम आपको बताएंगे रक्षाबंधन का पौराणिक और धार्मिक महत्व के बारे में. रक्षा करने और करवाने के लिए बांधा जाने वाला पवित्र धागा रक्षा बंधन कहलाता है. यह पवित्र पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को मनाया जाता है, जो इस बार 15 अगस्त को होगा. इस दिन बहनें अपने भाई की रक्षा के लिए उनके कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती हैं और भाई बहनों को जीवन भर उनकी रक्षा का वचन देते हैं.  राजसूय यज्ञ के समय भगवान कृष्ण को द्रौपदी ने रक्षा सूत्र के रूप मैं अपने आंचल का टुकडा बांधा था.  इसी के बाद से बहनों द्वारा भाई को राखी बाँधने की परंपरा शुरु हो गई.  ब्राहमणों द्वारा अपने यजमानो को राखी बांधकर उनकी मंगलकामना की जाती है.  इस दिन वेदपाठी ब्राह्मण यजुर्वेद का पाठ आरम्भ करते हैं इसलिए इस दिन शिक्षा का आरम्भ करना अच्छा माना जाता है.

In this episode of Chaal Chakra we will talk about the significance of religious and mythological significance of Raksha Bandhan. This time Raksha Bandhan will be celebrated on August 15. ON this day, sisters tie rakhi on the wrist of their brothers, and brothers promise to take care of their sister for life time. Watch video to know how festival of Raksha Bandhan came into existence.

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