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मैं भाग्य हूं: भय है विनाश का कारण, इसे दूर भगाएं

तेज ब्यूरो [Edited by: विशाल कसौधन]नई दिल्ली, 07 January 2019

मैं भाग्य हूं. आपका साथी. आपका मार्गदर्शक. मैं हमेशा आपके भले की कामना करता हूं. आपकी तरक्की चाहता हूं. हम अपने जीवन में तरक्की पाने के लिए बहुत मेहनत करते हैं. आगे बढ़ने की कोशिश में लगे रहते हैं. इस कोशिश में कुछ लोगों को कामयाबी मिल जाती है और तो कुछ लोगों के हाथ नकामयाबी मिलती है. क्या आपने कभी सोचा है. हमारी नकामयाबी के पीछे क्या कारण होता है. हमारी नकामयाबी के पीछे कई बार हमारा डर होता है. हमारा डर हमें कोई भी काम करने से रोकता है.

I am a fate. Your partner. Your Guide. I wish you all the best. I want your progress. We work very hard to get success in our lives. Keep on moving forward. Some people get success and some people do not get any success. Have you ever thought. What is the reason behind our failure. Many times we are afraid of our failure. Our fear prevents us from doing any work.

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