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किसान के बेटे हैं N-95 मास्क बनाने वाले ये वैज्ञानिक, अब उड़ी नींद

aajtak.in
14 May 2020
किसान के बेटे हैं N-95 मास्क बनाने वाले ये वैज्ञानिक, अब उड़ी नींद
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पूरी दुनिया को N 95 मास्क का तोहफा देने वाले ताइवानी मूल के वैज्ञानिक पीटर त्साई (Peter Tsai) एक गरी‍ब किसान के बेटे हैं. कोरोना वायरस संक्रमण के बाद पूरी दुनिया में उनकी चर्चा हो रही है. लेकिन बीते दो माह से उनकी पूरी नींद नहीं सो सके हैं. जानें- इस वैज्ञानिक से जुड़ी खास बातें, और वो वजह जिसने इनकी नींद उड़ा रखी है.
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पीटर त्साई का जन्म साल 1952 के करीब हुआ था. उनकी परवरिश एक किसान परिवार में हुई. वो ताइवान के क्विंगहुई जिले में  Taichung Municipal Cingshuei Senior High School से स्नातक की डिग्री ली. इसके बाद त्साई ने प्रांतीय ताइपे इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में रासायनिक फाइबर इंजीनियरिंग का अध्ययन किया .
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आज कोरोना वायरस संक्रमण के काल में जो  एन 95 मास्क (N95 Mask) काफी हद तक कारगर है. उसे पीटर ने साल 1992 में इजाद किया था. अब महामारी के वक्त एक बार फिर उनकी नींद तब उड़ गई जब बड़ी संख्या में उनके पास मेल और कॉल्स आने  लगे. अब उनसे पूछा जा रहा था कि इसे फिर से पहनने लायक यानी रीयूजेबल कैसे बनाया जा सकता है.
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इसकी वजह ये थी कि बाजारों और अस्पतालों में इसकी भारी कमी देखी जा रही है. यहां तक कि डॉक्टर बार-बार एक ही मास्क को पहनकर काम करने को मजबूर हैं. इस परेशानी से बचने के लिए ड्यूक हेल्थ ताइवान के 68 वर्षीय साइंटिस्ट पीटर साई (Peter Tsai) N95 मास्क को साफ कर उसे दोबारा इस्तेमाल करने लायक बनाने में जुटे हैं.
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बता दें कि पीटर इसी साल जनवरी में रिटायर हो गए थे, लेकिन N95 मास्क को लेकर उन्होंने अपना काम जारी रखा था. उन्हें रोजाना दुनियाभर से ई-मेल मिलते थे, जिसमें अक्सर यही पूछा जाता था कि क्या N95 मास्क को दोबारा इस्तेमाल किया जा सकता है? इस समस्या को लेकर मेरी दो महीने नींद उड़ी रही, जिसके बाद इसके सॉल्यूशन पर काम किया.
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इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में पीटर साई ने कहा कि ये अजीब बात है ना? N95 मास्क को बनाने के लिए मैंने 1992 में जिस चार्जिंग तकनीक का इस्तेमाल किया था, उसे 'कोरोना चार्जिंग' कहा जाता था. अब मैंने इसे कोरोना वायरस से जोड़ना बंद कर दिया है.
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बता दें कि 1992 में उन्होंने जिस तकनीक का इस्तेमाल किया था, वह मास्क पर माइक्रोफ़ाइब्रोस पर इलेक्ट्रोस्टैटिक चार्जिंग थी, जिसने फ़िल्टर दक्षता को दस गुना बेहतर कर दिया था. इससे सब-माइक्रोन-आकार के रोगाणुओं को रोकने में मदद मिली.
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पीटर साई ने एन-95 मास्क के दोबारा इस्तेमाल करने का तरीका बताते हैं कि हीट ट्रीटमेंट सबसे अच्छा उपाय है. मास्क को 60 मिनट के लिए 70 डिग्री पर गर्म करें. इससे मास्क में मौजूद वायरस मर जाएंगे और मास्क को फिर से इस्तेमाल किया जा सकता है. वैसे स्टीमिंग आदि जैसे अन्य उपाय हैं, लेकिन इनमें हीटिंग सबसे अधिक कारगर है.
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