एडवांस्ड सर्च

Advertisement

वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC

aajtak.in
22 August 2019
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
1/7
यूपीएससी परीक्षा क्लीयर करना हर किसी का सपना होता है, लेकिन ये सपना पूरा करना सबके लिए आसान बात नहीं होती. उत्तर प्रदेश में गंगा किनारे स्थ‍ित उन्नाव के एक गांव चमियाने के रहने वाले आशीष कुमार ने भी कभी ये सपना देखा था. आशीष ने aajtak.in से खास बातचीत करते हुए अपने सपने और इसे पूरा करने के लिए किए गए सफर के बारे में बताया.

उन्होंने बताया कि किस तरह गांव में बाढ़ आने के बाद जब अफसर गांववालों से मिलने आए तो उनके दिल में यही आया कि वो भी एक दिन ऐसे ही अफसर बनेंगे.
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
2/7
अपने काम और नौकरी के साथ 9 साल की कोशिश के बाद 2018 में उन्होंने आखिरकार यूपीएससी की परीक्षा को पास कर लिया था, जिसमें उन्हें 817वीं रैंक मिली थी.

इसके बाद उनकी निुयक्ति एक दानिक्स अफसर के तौर पर होगी. फिलहाल आशीष ट्रेनिंग कर रहे हैं. आशीष कहते हैं कि उनके लिए यूपीएससी क्लीयर कर पाना किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है. उन्होंने हिंदी माध्यम से अपने नौवें और अंतिम प्रयास में हिंदी माध्यम से यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की है.
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
3/7
आशीष कहते हैं कि मैंने हार न मानने की ठान रखी थी. यूपीएससी द्वारा ली जाने वाली सिविल सेवा परीक्षा दुनिया में सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है. ये परीक्षा तब और कठिन हो जाती है जब आपके पास तैयारी करने के संसाधन न हों. मेरी  जिंदगी संघर्षों से जूझती हुई गुजरी. पिता गांव के प्राइवेट स्कूल में पढ़ाते थे, इससे घर का खर्च मुश्किल से चल पाता था. फिर भी पिताजी मुझे और मेरे भाई बहन को अच्छी शिक्षा देने की कोशिश करते थे.

वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
4/7
साल 2002 में आशीष ने 12वीं की परीक्षा पास की और आगे की पढ़ाई के लिए गांव से उन्नाव आ गए. घर की आर्थिक स्थिति खराब थी तो पिता खर्च नहीं दे पा रहे थे. इसलिए उन्होंने अपने पिता से कहा कि वे सिर्फ फीस का जुगाड़ कर दें, बाकी के खर्च के लिए वे ट्यूशन पढ़ाने लगे. यहां साथ ही उन्होंने SSC और बैंक जैसी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी. वो बताते हैं कि ये दौर भी काफी कठिन था लोग गर्मी की छुट्टी में ट्यूशन बंद कर देते थे तो खर्च निकालना मुश्किल हो जाता था.
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
5/7
6 साल की तैयारी और कठिन परिश्रम के बाद 2008 में वो एसएससी की परीक्षा में चयनित हो गए. लेकिन, सरकारी नौकरी ज्वाइन करने से कुछ ही दिन पहले उनके पिता ब्रेन हैमरेज की वजह से उनका साथ छोड़कर चले गए. इसके बाद आशीष ने यूपीपीसीएस, सीपीएफ, हाईकोर्ट रिव्यू ऑफिसर जैसी कई परीक्षाएं पास कीं, लेकिन उनका मकसद सिर्फ और सिर्फ यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा को पास करना था.
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
6/7
बने एक्साइज एंड कस्टम इंस्पेक्टर

साल 2010 में आशीष कमर्चारी चयन आयोग की परीक्षा में एक्साइज एंड कस्टम विभाग में इंस्पेक्टर के पद में चुने गए. उनकी पोस्टिंग गुजरात के अहमदाबाद में हो गई. इस दौरान वो नौकरी के साथ-साथ समय निकालकर यूपीएससी की तैयारी में लग गए. फिर पहली बार 2009 में उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी. ये परीक्षा उन्होंने हिंदी मीडियम से दी थी. आशीष बताते हैं कि पहली ही बार में उनका प्री में चयन हो गया, लेकिन मेन्स में नहीं हो सका. इस तरह पूरे नौ सालों तक कभी प्री तो कभी मेन्स निकाल लेते तो कभी इंटरव्यू क्लियर नहीं हो पाता. आशीष बताते हैं कि उन्होंने 6 बार मेन्स परीक्षा लिखी और 3 बार इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन फिर भी अंतिम लिस्ट में उनका नाम नहीं होता. वो कहते हैं कि मुझे कई बार हताशा तो हुई लेकिन मैंने हार नहीं मानी, नौकरी के साथ तैयारी जारी रखी.
वो क्या तरीके थे जिनसे नौ बार फेल हुए इस शख्स ने क्रैक कर दिया UPSC
7/7
ऐसे की तैयारी:

वो बताते हैं कि ये उनका लास्ट अटेंप्ट था. अगर इस बार उनका सेलेक्शन नहीं होता तो वो दोबारा फिर कभी इस परीक्षा में हिस्सा नहीं ले पाते. आशीष ने पूरे जी जान से परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी. इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया में लिखना भी छोड़ दिया था. वो कहते हैं कि इस परीक्षा में अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों का दबदबा रहता है. इसमें हिंदी में सफल अपेक्षाकृत कम होती है. मेन्स के बारे में वो कहते हैं कि मेरी डायरी लिखने की आदत काम आई और मैंने मेन्स की परीक्षा पूरे दिल से ऐसे ही लिखी जैसे अपने जज्बात अपनी डायरी में लिख रहा हूं. इस तरह उन्हें अंतिम प्रयास में सफलता मिल गई.
Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay