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वो संत जिसके मुरीद हैं दुनियावाले, फोर्ब्स ने भी माना था ताकतवर लीडर

aajtak.in [Edited by: प्रिया शांडि‍ल्य]
13 May 2019
वो संत जिसके मुरीद हैं दुनियावाले, फोर्ब्स ने भी माना था ताकतवर लीडर
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आज आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर का जन्मदिन है. श्री श्री  का जन्म आज ही दिन 13 मई 1956 को हुआ था. आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक और मशहूर आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर पिछले कुछ महीनों से अयोध्या राम मंदिर मामले के कारण चर्चा में हैं. वे इस मामले में मध्यस्थ बनाए गए हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में कुछ दिलचस्प बातें...
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रविशंकर का जन्म तमिलनाडु में 13 मई 1956 को हुआ था. उनके पिता वेंकट रत्न भाषाविद थे. उन्होंने आदि शंकराचार्य से प्रेरणा लेते हुए बेटे का नाम रविशंकर रखा. एक बार
प्रख्यात सितार वादक रविशंकर ने श्री श्री रविशंकर पर आरोप लगाए कि वे उनके नाम की प्रसिद्ध‍ि का लाभ उठा रहे हैं, तब उन्होंने अपने नाम के आगे श्री श्री लगाना शुरू कर दिया. आज उनके अनुयायी उन्हें श्री श्री रविशंकर के नाम से जानते हैं. 

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पिछले कुछ महीनों से श्री श्री रविशंकर चर्चा में है. इसकी मुख्य वजह अयोध्या मामले में उन्हें मध्यस्थ बनाए जाना है. कुछ दिनों पहले ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इसपर आपत्त‍ि भी जताई थी. उन्होंने कहा था कि रविशंकर पक्षपाती हैं. जबकि राम मंदिर मामले में मध्यस्थता के लिए किसी निष्पक्ष शख्स को नियुक्त किया जाना चाहिए. राम मंदिर को लेकर रविशंकर विवादित टिप्पणी करते रहे हैं. ओवैसी के अलावा बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी और निर्मोही अखाड़े ने भी अयोध्या पैनल में श्री श्री रविशंकर को नियुक्त किए जाने का विरोध किया था.
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शुरू से ही श्री श्री रविशंकर का रुझान आध्यात्म की ओर था. चार साल की उम्र में उन्होंने भगवद् गीता के छंदों का पाठ करना शुरू कर दिया था. 25 वर्ष की आयु में उन्होंने 10 दिनों का मौन धारण कर सुदर्शन क्रिया (SKY) नाम के रिलैक्सेशन टेक्न‍िक का ईजाद किया. बेंगलुरु यूनिवर्सिटी के सेंट जोसेफ कॉलेज से साइंस डिग्री हासिल करने के बाद वे अपने गुरु महर्ष‍ि महेश योगी के साथ वैदिक साइंस, मेडिटेशन, आयुर्वेद सेंटर आदि आध्यात्म‍िक आयोजनों में बोलना शुरू कर दिया.
 
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आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का नाम धर्म और अध्यात्म के क्षेत्र में प्रख्यात है. जिस सुदर्शन क्रिया नाम के रिलैक्सेशन टेक्निक का ईजाद उन्होंने किया उसे आज दुनिया के 152 देशों में मानसिक शांति के लिए सिखाया जाता है. हार्वर्ड की एक स्टडी के मुताबिक एड्स के 70-80 प्रतिशत मरीज इस तकनीक से लाभान्वित हुए हैं.

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श्री श्री रविशंकर ने 1981 में आर्ट ऑफ लिविंग की स्थापना की थी. 1983 में उन्होंने स्वि‍ट्जरलैंड में पहला आर्ट ऑफ लिविंग कोर्स का आयोजन किया. 1986 में नॉर्थ अमेरिका के स्थ‍ित कैलीफोर्निया के एप्पल वैली में आर्ट ऑफ लिविंग का पहला सेशन हुआ था. यह एक वोलंटियर बेस्ड स्वयंसेवी संस्था है. दुनियाभर में मशहूर इस संस्था में लोगों को आध्यात्म से जोड़ती है.
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श्री श्री रविशंकर ने अब तक कई अवॉर्ड जीते हैं. साल 2009 में उनका नाम फोर्ब्स मैगजीन की लिस्ट में भारत के पांचवे सबसे ताकतवर लीडर के तौर पर जारी किया गया था. 2016 में उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था. इसके अलावा श्री श्री रविशंकर विदेशों में भी कई बार सम्मानित किए जा चुके हैं.
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