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UPSC टॉपर: 1 करोड़ का पैकेज ठुकराकर दी परीक्षा, अब बने IAS

aajtak.in [Edited By: मोहित पारीक]
07 April 2019
UPSC टॉपर: 1 करोड़ का पैकेज ठुकराकर दी परीक्षा, अब बने IAS
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सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर कनिष्क कटारिया ने पहले प्रयास में ही यह मुकाम हासिल किया है. इससे पहले उन्होंने आईआईटी से पढ़ाई की और एक साल नौकरी भी की. एक अच्छी नौकरी करने के बावजूद उन्होंने आईएएस बनने की सोची और यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर बने.
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कनिष्क के अनुसार वह भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनना चाहते थे, जिसने उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया. सिविल सेवा के लिए उन्होंने दक्षिण कोरिया की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में शानदार करियर को छोड़ दिया.
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कनिष्क के अनुसार वह भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनना चाहते थे, जिसने उन्हें प्रतियोगी परीक्षा में बैठने के लिए प्रेरित किया. सिविल सेवा के लिए उन्होंने दक्षिण कोरिया की एक बहुराष्ट्रीय कंपनी में शानदार करियर को छोड़ दिया.
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उन्होंने कहा, "मेरे दिल में कहीं न कहीं भारत की विकास गाथा का हिस्सा बनने की महत्वाकांक्षा पनपने लगी और फिर मैंने अपने देश लौटने का फैसला किया. यहां तक कि एक करोड़ रुपये का पैकेज भी मुझे भारत लौटने से रोक नहीं पाया.
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राजस्थान के रहने वाले कनिष्क के पिता सांवर मल वर्मा भी आईएएस अधिकारी हैं, जो फिलहाल राजस्थान सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक हैं. उनके चाचा के.सी. वर्मा जयपुर में संभागीय आयुक्त के पद पर तैनात हैं.

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कटारिया का कहना है कि बचपन से ही मैंने अपने पिता और चाचा को देश के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के रूप में काम करते हुए देखा है..मैं भी उनकी तरह बनना चाहता था, इसलिए मैंने सैमसंग से इस्तीफा दिया और जयपुर वापस आ गया. उन्होंने कहा कि मेरे परिवार ने मुझपर भरोसा जताया और सभी मेरे फैसले के साथ खड़े हुए.
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कनिष्क ने परिणाम आने के बाद कहा था कि यह मेरा पहला प्रयास था और मुझे अच्छी रैंकिंग का पूरा भरोसा था. लेकिन पहली रैंक आना मेरे लिए भी सुखद हैरानी वाला है. लोकसेवा में जाना मेरे बचपन का सपना था जो पूरा हो गया.
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