एडवांस्ड सर्च

Advertisement

कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स

aajtak.in [Edited by: प्रियंका शर्मा ]
30 March 2019
कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
1/9
बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड आज 12वीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी करने वाला है. बता दें, ऐसा पहली बार है जब कक्षा 12वीं के परिणाम इतनी जल्दी घोषित हो रहे हैं. परिणाम दोपहर 1 बजे जारी किए जाएंगे. वहीं बिहार बोर्ड के परिणाम जारी करने के बाद परीक्षा में टॉप करने वाले छात्र हमेशा चर्चा का विषय बने हैं. ऐसे में जानते हैं उन टॉपर्स के बारे में जिनकी वजह से बिहार बोर्ड को काफी बदनामी भी झेलनी पड़ी थी.



कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
2/9
साल 2016 में टॉप करने वाली रुबी रॉय ने कक्षा 12 वीं में आर्ट्स में टॉप किया था और उन्होंने पॉलीटिकल साइंस को 'प्रोडिकल साइंस' बताया. साथ ही उन्होंने कहा कि पॉलीटिकल साइंस में खाना बनाने के बारे में पढ़ाया जाता है.
कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
3/9
रूबी से पूछा गया था कि परीक्षा कितने मार्क्स की थी और कितने विषय थे...तो रूबी का जवाब था 'परीक्षा में 6 सब्जेक्ट थे और हर पेपर 100 अंकों का था और 600 में से 444 अंक हासिल हुए.' बता दें कि बिहार बोर्ड 12वीं परीक्षा में 5 विषय होते हैं और 500 में से अंक दिए जाते हैं.


कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
4/9
साथ ही 2016 में ही साइंस विषय में टॉप करने वाले सौरभ का हाल भी कुछ ऐसा ही था. हाजीपुर के रहने वाले सौरभ को 500 में से 485 अंक मिले थे, लेकिन वो भी साइंस के आसान से सवाल के जवाब नहीं दे पाए थे.

कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
5/9
साल 2017 में गणेश नाम के एक शख्स ने आर्ट्स विषय में पहला स्थान हासिल किया था. उन्हें हिंदी में 100 में से 92, इतिहास में 100 में 80, संगीत में 100 में से 83, सामाजिक विज्ञान में 100 में से 80 और मनोविज्ञान में 100 में से 59 अंक, एनआरए में 50 में से 42 और एमएएल में 50 में से 36 अंक हासिल हुए थे.

कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
6/9
हालांकि, संगीत विषय में 12वीं टॉप करने वाले गणेश को संगीतज्ञ के बारे में पता नहीं था. जब उनसे सुर-ताल और सुर कोकिला के बारे में पूछा गया तो वो जवाब ही नहीं दे पाए. इतना ही नहीं उन्हें सब्जेक्ट के बारे में ही अच्छे से पता नहीं था.



कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
7/9
सुर कोकिला का नाम पता नहीं था. उन्होंने कहा था कि टॉप करने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन मैंने अच्छे से लिखा था, गोल गोल और साफ-साफ लिखा था. उन्होंने 1990 में मेट्रिक परीक्षा पास की थी और बताया जा रहा है कि उन्होंने परीक्षा में अपनी उम्र 24 साल बताई थी.

कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
8/9
वहीं हिंदी में 92 अंक हासिल करने वाले गणेश को गद्य-पद्य के बारे में पता नहीं था. वे सामान्य सवालों के जवाब भी नहीं दे पाए थे. जब टॉपर्स से पूछा गया कि कितने विषय थे तो उनका जवाब चौंकाने वाला था. उन्होंने अपने विषय में अंग्रेजी का पेपर 50 अंक का बताया.


कभी नहीं गए स्कूल, फिर भी किया टॉप, ऐसे रहे बिहार के टॉपर्स
9/9
साल 2018 में कल्पना कुमारी ने बिहार में साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12वीं में टॉप किया था. उन्हें 434 अंक मिले. वहीं आपको बता दें, कल्पना ने मेडिकल परीक्षा NEET में 99.99 पर्सेंटाइल अंक हासिल कर टॉप किया था. जिसके बाद विवाद छिड़ गया. दरअसल कल्पना कुमारी के रिजल्ट पर विवाद की वजह उनकी स्कूल में   उपस्थिति है.

लोगों का कहना था कि बिहार बोर्ड ने ऐसी छात्रा को साइंस स्ट्रीम का टॉपर बना दिया, जिसने कभी अपने स्कूल में क्लास का मुंह तक नहीं देखा. आपको बता दें, कल्पना 2 साल तक दिल्ली में आकाश इंस्टिट्यूट से मेडिकल की तैयारी कर रही थीं. इसी दौरान बिहार बोर्ड से 12वीं की परीक्षा देने के लिए कल्पना ने अपने गृह जिला शिवहर के तरियानी में स्थित YKJM कॉलेज में दाखिला भी लिया हुआ था. वहीं इस मामले पर बिहार के शिक्षामंत्री कृष्णानंद वर्मा ने कहा कि कल्पना कुमारी के पास योग्यता है, उन्होंने NEET की परीक्षा टॉप कर इसे साबित भी किया है. इस मामले में किसी भी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए.


Advertisement

रिलेटेड स्टोरी

No internet connection

Okay