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JNU: फीस ही नहीं, रात 11 के बाद 'नो एंट्री' भी हंगामे की वजह

aajtak.in
13 November 2019
JNU: फीस ही नहीं, रात 11 के बाद 'नो एंट्री' भी हंगामे की वजह
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में बुधवार को एक्जीक्यूटिव काउंसिल की बैठक के बाद नये हॉस्टल मैनुअल पर मुहर लगाने की तैयारी हो रही है. इस नये मैन्युअल से फीस वृद्धि ही नहीं हॉस्टल में रहने वाले छात्रों पर और भी कई पाबंदियां लग सकती हैं. जिसे लेकर बीते करीब 15-20 दिनों से विरोध जारी है. आइए जानें- आखिर जेएनयू प्रशासन की ओर से लगाई जा रही किन पाबंदियों के खिलाफ स्टूडेंट का गुस्सा सड़कों पर आ गया है.
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नहीं रहेगी कोई नाइट लाइफ
जेएनयू कैंपस की नाइट लाइफ दूसरे विश्वविद्यालयों से एकदम जुदा है. यहां के ढाबों में रातों में चलने वाली बहसों में बड़ी संख्या में स्टूडेंट हिस्सा लेते हैं. रातों में प्रदर्शन और चर्चा-परिचर्चा कैंपस लाइफ का हिस्सा रहे हैं. लेकिन जेएनयू प्रशासन ने छात्रावास के लिए जो नई नियावली तैयार की है. इसके मसौदे के अनुसार रात 11 बजे के बाद कोई भी छात्र छात्रावास से बाहर नहीं रह सकेगा. वहीं, पुस्तकालय बंद होने के आंधे घंटे के बाद छात्रों को वापस छात्रावास में आना होगा.
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नए प्रस्तावित नियमों के तहत अगर कोई छात्र देर तक छात्रावास से बाहर रहना चाहता है, या रात भर बाहर रहना चाहता है तो इसके लिए उसे संबंधित वॉडर्न को लिखित में सूचित करना होगा. इसके अलावा हॉस्टल में आईडी कार्ड के जरिए ही एंट्री मिलेगी.
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नये मैन्युअल के अनुसार कोई भी अतिथि (गेस्ट) किसी भी छात्र के छात्रावास में रात 10:30 बजे के बाद नहीं ठहर सकता है. ऐसा न होने पर छात्र पर तीन से 20 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाने के साथ ही छात्रावास खाली करने का आदेश भी दिया जा सकता है.
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धरना भी दंडनीय होगा: छात्रावास के नए प्रस्तावित नियमों के तहत विश्वविद्यालय परिसर में रह रहे प्रतिनिधि के घर का घेराव या धरना देना दंडनीय होगा. जेएनयू से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2005 के बाद नियामवली में बदलाव के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है.
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बता दें कि फीस बढ़ने के खिलाफ लेफ्ट संगठन ही नहीं भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी के छात्र भी बुधवार को साबरमती ढाबा से यूजीसी कार्यालय तक मार्च निकाल रहे हैं. वहीं जेएनयू छात्र संघ लगातार हॉस्टल टाइमिंग का भी विरोध कर रहा है.
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बुधवार को ईसी (एक्जीक्यूटिव काउंसिल) की बैठक से ठीक पहले ही छात्रसंघ ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है. छात्रसंघ जेएनयू प्रशासन पर बिना जानकारी दिए ईसी बैठक का स्थान बदलने का आरोप लगा रहा है.
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बुधवार को जेएनयू में स्टूडेंट के हंगामे के साथ सुबह की शुरुआत हुई है. पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एनसाई बालाजी ने aajtak.in से बातचीत में कहा कि जेएनयू प्रशासन ने बिना किसी पूर्व सूचना के ईसी बैठक स्थल बदल दिया है.
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बालाजी ने कहा कि जेएनयू परिसर को पूरी तरह जेल में तब्दील करने की तैयारी है. छात्र फीसवृद्धि और हॉस्टल में कर्फ्यू टाइमिंग और ड्रेस कोड लागू करने के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. ये न सिर्फ जेएनयू की शिक्षा पद्धति बल्कि पूरे जेएनयू समुदाय और यहां की संस्कृति पर हमला है.
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