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ये हैं 23 साल की अनुप्रिया, जो बनीं पहली आदिवासी महिला पायलट

aajtak.in
09 September 2019
ये हैं 23 साल की अनुप्रिया, जो बनीं पहली आदिवासी महिला पायलट
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फर्क इस बात से  नहीं पड़ता है आप किस जगह से आए हैं. फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कहां तक जाएंगे. ओडिशा के माओवाद प्रभावित मलकानगिरी जिले में रहने वाली आदिवासी लड़की के बारे में किसी ने नहीं सोचा हो कि वह एक दिन पायलट बन जाएगी.  लेकिन मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने अपने सपने को पूरा कर दिखाया.




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न्यूज एजेंसी पीटीआई ओडिशा के नक्सल प्रभावित मलकानगिरि जिले की अनुप्रिया मधुमिता लाकरा राज्य की पहली आदिवासी महिला हैं जो कॉमर्शियल पायलट बनी हैं.

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अनुप्रिया ने पायलट बनने का ख्वाब देखा था.  पायलट बनने के लिए उन्होंने 7 साल पहले इंजीनियरिंग की पढ़ाई बीच में छोड़ दी और 2012 में उड्डयन अकादमी (aviation academy) में दाखिला लिया. अपनी काबिलियत और लगन के बल पर जल्दी ही वह एक निजी विमान कंपनी में को-पायलट के तौर पर सेवाएं देने वाली हैं.


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आपको बता दें, ओडिशा पुलिस में अनुप्रिया के पिता एक हवलदार हैं और मां हाउस वाइफ है. 



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ओडिशा के मुख्यमंत्री ने अनुप्रिया को  नवीन पटनायक को उनकी इस उपलब्धि पर शुभकामनाएं दी है. उन्होंने कहा "मैं अनुप्रिया लकड़ा की सफलता के बारे में जानकर खुश हूं. उनके प्रयासों और दृढ़ता से हासिल की गई सफलता कई लोगों के प्रेरेणा है. एक काबिल पायलट के रुप में अनुप्रिया को और सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं."


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आपको बता दें, अनुप्रिया ने  मलकानगिरी में एक कॉन्वेंट से 10वीं और सेमीलीगुडा में एक स्कूल से 12वीं कक्षा पास की है. जिसके बाद उन्होंने भुवनेश्वर में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई छोड़ दी और भुवनेश्वर में पायलट प्रवेश परीक्षा की तैयारी की.
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उनके पिता ने कहा  "2012 में अनुप्रिया भुवनेश्वर में पायलट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में शामिल हुई थी. हम खुश है कि वह पायलट बन गई है. उसका सपना पूरा हो गया है. अब एक प्राइवेट विमान में वह को- पायलट के रूप में अपनी सेवाएं देंगी. पिता ने कहा उनकी सफलता कई लड़कियों को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी".


(सभी तस्वीरें अनुप्रिया के फेसबुक अकाउंट से ली गई है)
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